चित्तौड़गढ़। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कान सिंह सुवावा ने बताया कि सुरेंद्र सिंह कॉमेडी के निर्देशन में आए पद यात्रियों का जोहर भवन पर जौहर ज्योति के दर्शन कर यहां की पुस्तकालय वे भवन को देखकर भाव विभोर हुए। पद यात्रियों का जौहर स्मृति संस्थान चित्तौड़गढ़ की उपाध्यक्षा निर्मला कंवर राठौड़ व सुरेंद्र सिंह चौहान ने ऊपरना ओढ़ाकर व जौहर साका स्मारिका भेंट की। साथ ही सत्यव्रत रावत चुंडा स्मृति संस्थान के उपाध्यक्ष कान सिंह सुवावा ने पधारे हुए पद यात्रियों का सत्यव्रत रावत चुंडा की तस्वीरें व सत्यव्रत रावत चुण्डा पर लिखी हुई पुस्तकें भेंट कर सम्मानित किया। जौहर स्मृति संस्थान चित्तौड़गढ़ के पूर्व संयुक्त मंत्री ने तीनों जौहर के बारे में विस्तार से जानकारी दी और जौहर भवन की उपलब्धियां के बारे में जानकारी दी। जौहर भवन पर स्वागत के बाद पैदल यात्री बाण माता मंदिर चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर रवाना हुए। बाण माता मंदिर में पुजारी मुकेश पालीवाल ने पदयात्रियों का स्वागत कर प्रसाद वितरण किया।
पदयात्री दल के संयोजक सुरेंद्र सिंह चुण्डावत कमेरी ने बताया कि यह पैदल यात्रा न सिर्फ माताजी के दर्शन के रूप से विशेष है बल्कि इस यात्रा के सहारे हम सभी भाइयों को साथ समय व्यतीत करने का भी एक सुनहरा अवसर मिल रहा है।जब हम कदम बढ़ाते हैं, तो न केवल प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हैं, बल्कि अपने आप को भी खोजते हैं। चलने से हमारी सोच खुलती है, और हम नए विचारों और ऊर्जा से भर जाते हैं। यह एक ऐसा समय है जब हम एक-दूसरे के साथ बंधते हैं, अपने अनुभव साझा करते हैं और यादें बनाते हैं। निम्नलिखित पदयात्री सुरेंद्र सिंह कमेरी, नरेंद्र सिंह कमेरी ,दलपत सिंह कमेरी ,धनवीर सिंह कमेरी ,उदयभान सिंह कमेरी ,युवराज सिंह कमेरी, देवराज सिंह बेलिया खेड़ा, जितेंद्र सिंह लसानी, पुष्पेंद्र सिंह ठिकरिया,भवानी सिंह कान सिंह का खेड़ा ,अरविंद सिंह कान सिंह का खेड़ा, जसवंत सिंह कान सिंह का खेड़ा, विजेंद्रपाल सिंह कान सिंह का खेड़ा ,भोजराज सिंह कान सिंह का खेड़ा ,छोटू सिंह कान सिंह का खेड़ा, दुर्गपाल सिंहकान सिंह का खेड़ा, शक्ति सिंह लूणखंदा कीर्तिध्वज सिंह राजाजी का करेडा, विजेंद्र सिंह चंवला रेल का खेड़ा, अजीत सिंह चिलेश्वर आदि पद यात्री चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित बाण माता के दर्शन किया। देवगढ़ से चित्तौड़गढ़ 135 किलोमीटर यात्रा में जगह-जगह इन पद यात्रियों का स्वागत सत्कार कर रवाना किया।