खाचरोद। नवरात्रि पर्व के दौरान दुर्गा अष्टमी पर चापानेर में चापानेर सहित आसपास के गांव आक्याजागीर केसरिया, सकतखेड़ी, सेदरी, चापाखेड़ा आदि गाँव से दुर्गा वाहिनी की बहने सम्मिलित हुई। प्रारम्भ में मा दुर्गा, भारतमाता पर श्रीराम दरबार के चित्र पर माल्यार्पन करते हुए कार्यक्रम प्रारंभ हुआ, इस दौरान दुर्गा वाहिनी जिला संयुक्त का सुश्री रानी व्यास ने दुर्गा वाहिनी की स्थापना के बारे में बताते हुए बताया कि दुर्गा वाहिनी का मुख्य उद्देश्य बहनों और मातृशक्ति को स्वस्थ शास्त्र के साथ शास्त्र में भी सशक्त और प्रारंगत बनाना है और इसको लेकर ही दुर्गा वाहिनी बहनों के बीच में काम करती है। आपने बताया कि दुर्गा अष्टमी के दिन दुर्गा वाहिनी की स्थापना साध्वी दीदी ऋतंभरा के द्वारा की गई और उसके बाद दुर्गा वाहिनी द्वारा बहनों के बीच में शस्त्र पूजन, शौर्य संचलन, वर्गों का आयोजन करते हुए कई बहनों को प्रशिक्षण देने का कार्य भी करती आ रही है आपने बताया कि जिस प्रकार से प्राचीन काल में और हिंदू धर्म में नारियों को देवी स्वरूप माना जाता था और आज के समय में भी नई को दिव्या और तेरी स्वरूप मानते हुए दुर्गा वाहिनी के द्वारा नारी को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके बाद श्री राम मंदिर से दुर्गा वाहिनी की यह मातृत्व वंदना यात्रा प्रारंभ हुई जो गांव में प्रमुख मार्गाे से होते हुए पुनः राम मंदिर पर पहुंचे जहां प्रार्थना के साथ इसका समापन हुआ इस दौरान गांव में विभिन्न स्थानों पर अनेक संस्थाओं और संगठनों के द्वारा पुष्प वर्षा करते हुए यात्रा का स्वागत किया गया। दुर्गा वाहिनी द्वारा निकाली जाने वाली इस यात्रा के पश्चात स्थानी रामायण मंडल की समिति के द्वारा सभी बहनों का कन्या पूजन करते हुए कन्या भोजन का आयोजन भी किया गया।