झालावाड़। जिले के तहसील पचपहाड़ व भवानीमंडी मे विजय दशमी के पर्व पर बनाये जाने वाले रावण का पुतला इस बार भवानीमंडी में 50 फ़ीट तक बनेगा और वहीं पचपहाड़ तहसील मे 45 फ़ीट का रावण बनेगा।
पचपहाड़ दुर्गा माता मंदिर पर पुतला बनाने वाले कारीगर अशोक सैनी ने बताया कि उनका परिवार व खुद पिछली तीन पीढ़ियों से रावण बनाने के कार्य को करते आ रहे है। रियासत कालीन से भी हमारे बड़े बूढे इस कार्य को करते थे, उनके इस कार्य को हमने भी सिख लिया और उस परम्परा को पिछले 3 पीढ़ियों से हम निभाते हुए चले आ रहे है। सैनी ने बताया कि इस मंहगाई के दौर में इस बार 1 लाख 50 हजार रु में हमे रावण के पुतले बनाने का ठेका दिया है जो बहुत कम बजट है। इसे बनाने में बहुत खर्च आता है। बॉस, बलिया, पेपर, गोंद सहित कई सारी सामग्री इन पुतलों को बनाने में लगती है। जो बजट के अनुसार बहुत कम है। जबकि इसका बजट पालिका द्वारा 2 लाख रु से ऊपर का था मगर बीच मे कमीशन खोरी के चलते इसका बजट 1,50 लाख का कर दिया जो बहुत कम है, जबकि पिछले 2 महीने से हम रावण मेघनाथ, कुंभकर्ण के पुतले बनाने के लिए 10 लोग कार्य कर रहे है,जिनकी मेहनताना भी नही निकल पा रही है। मगर शहर की प्रतिष्ठा व संम्मान के खारीर हमे पुतले बनाने पड़ रहे है, जिनका अंतिम रूप हमने दे दिया है। इस बार बनाया गया रावण व उनके परिवार के पुतले किसी भी प्रकार की कोई प्रातिक्रिया नही करेगे। बजट के आभाव में इसे इस बार सिंपल रावण व उनके परिवार के पुतले बनाये गये है। बजट अच्छा होता तो यह पुतला अपनी गर्दन भी हिलाता आँखे भी टिमटिमाता ओर तलवार भी चलता दिखाई देता।