BREAKING NEWS
SHOK SAMACHAR : कुकड़ेश्वर में कमलाबाई खाबिया का निधन,.. <<     KHABAR : नीमच में भारत विकास परिषद के योग शिविर का.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : नीमच में भारत विकास परिषद के योग शिविर का.. <<     KHABAR : महेश नवमी पर माहेश्वरी युवा संगठन की.. <<     KHABAR : खाबिया परिवार ने शोक में भी निभाया मानवता.. <<     NEWS : जिले के 854 स्थानों पर होंगे योग कार्यक्रम, 1.31.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     SHOK SAMACHAR : नहीं रहे अंकुर गर्ग, परिवार में शोक की.. <<     KHABAR : नीट परीक्षा कल, परीक्षा केंद्रों के आसपास.. <<     KHABAR : नीट पुनः परीक्षा कल, नीमच के दो केंद्रों.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     BIG NEWS : तस्करी का नया खेल बेनकाब, आरोपी चॉकलेट के.. <<     BIG NEWS : नीमच की बेटी ने बढ़ाया मान, 76 प्रतिशत अंकों.. <<     BIG NEWS : दोस्ती की आड़ में लाखों की चोरी, मेहमान.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     BIG NEWS : मंदसौर जिले का ग्राम रठाना और बालाजी का.. <<     KHABAR : मनासा में बन रहा आधुनिक स्विमिंग पूल,.. <<     BIG REPORT : मनासा के सांदीपनि विद्यालय में शुरू.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
October 12, 2024, 11:54 am
KHABAR :बीरासन माता मंदिर में कांटों के झूले में बैठकर पांडा सुनता है भक्तों की फरियाद, देर रात होती है महाआरती, कलचुरी शासन काल से जुड़ा है मंदिर, पढे़ खबर

Share On:-

कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर ढीमरखेड़ा तहसील के पाली गांव के जंगलों के बीच स्थित प्राचीन बीरासन माता मंदिर क्षेत्र वासियों के लिए आस्था का केंद्र है। मंदिर का इतिहास कलचुरी शासनकाल काल से जुड़ा है। मंदिर में दूर-दूर से भक्त माता के दर्शन करने आते हैं। मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त उपवास रखकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करवाकर बच्चों के मुंडन, हवन, भंडारा, कन्या पूजन, पाठ और अखंड ज्योत जलाते हैं


40 वर्षों से लगातार मंदिर प्रांगण में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रतिमा की स्थापना करवाई जाती है। प्राचीन परंपरा के अनुसार नवमी तिथि की रात को कांटों के झूले में बैठकर पंडा भक्तों की फिराद करना है फिर, रात 12 बजे के बाद माता की महाआरती होती है। देर रात भक्तों की कतार लगी रहती है।


पंडा पैरों में नुकीले किलों की खड़ाऊं पहनकर लोहे की जंजीर लगे गुर्दे से अपने शरीर पर मारता है। मुंह में लोहे का बाना छेड़कर हाथ में तलवार लिए कांटो के झूले में बैठकर भक्तों की समस्या सुनकर उन्हें उपाय बताता है। नजारा देखकर ही माता की शक्ति का एहसास कर देता है।


लल्लूराम डॉट कॉम की टीम रात 12 बजे मंदिर पहुंचकर माता की महाआरती में शामिल लोगों से मंदिर के इतिहास के संबंध में जानकारी ली। जिसमें पता चला कि, माता पहले भक्तों को कर्ज देती थी। तो किसी को चांदी के सिक्के, तो किसी को सौ रुपए के नोट। मंदिर के आसपास खुदाई में कलचुरी शासन काल के मंदिर के गुंबज और अवशेष मिलने के कारण मंदिर के इतिहास को कलचुरी शासन काल से जोड़ा जाता है।


इसकी पुष्टि पुरातत्व विभाग के द्वारा भी की गई है। माता की प्रतिमा खुदाई के दौरान जमीन से निकलने की बातें भी लोग बताते हैं। प्रतिमा की बनावट जिस प्रकार से है उसे देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है की प्रतिमा प्राचीन समय की है। पहले घने जंगलों के बीच माता का स्थान था देर रात पंडा से अपनी फिराद कटवाने के लिए सैकड़ों की संख्या में भक्त उपस्थित रहे।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE