चित्तौड़गढ़। कठोर संयम के साधक, प्रखर प्रतिभा के धनी, कठोर परिश्रमी, पुरूषार्थी, आत्मार्थी, विरल विभूति और साधना अनेक आयाम देकर प्रत्येक जीव को ज्ञानवान, क्रियावान और विवेकवान बनाने की दिशा मे प्रयत्नशील साधारण स्वरूप में रहने वाले असाधारण और विराट व्यक्तित्व शंभू नाथ महाराज की पुण्य पावन स्थली मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के आलोट तहसील के ताल के निकट करवा खेड़ी में स्थित है। यहां दादा गुरु बाबा रामकिशन नाथ वासद्गुरू शंभू नाथ महाराज सहित सद्गुरु अजब नाथ महाराज के समाधि स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन रहता है। आश्रम पर विराजित पूज्य बालक नाथ और प्रकाश नाथ महाराज के पावन सानिध्य में संतों की प्रेरणा और आशीर्वाद पाकर श्रद्धालु धन्य हो जाते हैं।
उल्लेखनीय है कि कठोर संयम के साधक , प्रखर प्रतिभा के धनी, कठोर परिश्रमी, पुरूषार्थी, आत्मार्थी, विरल विभूति और साधना के अनेक आयाम देकर प्रत्येक जीव मात्र को ज्ञानवान, क्रियावान और विवेकवान बनाने व सदमार्ग की दिशा मे प्रयत्नशील बनाने की प्रेरणा नाथ आश्रम पर मिलती है। विराट व्यक्तित्व के संतों का सानिध्य पाने वाला कृतज्ञता पूर्वक अभिभूत जाता है। युग निर्माता, युग पुरूष, साधना के शिखर, पुरूष रत्नत्रय के महान आराधक, ज्ञान और क्रिया के बेजोड़ संगम, व्यसन मुक्ति के प्रणेता, तत्वज्ञाता, सद्गुरु शम्भू नाथ के पट्टधर बालकनाथ व प्रकाश नाथ बाल्यावस्था से ही लगातार बाबा शम्भू नाथ व अजबनाथ के निकट सानिध्य मे रहे, उस दौरान इन महापुरुषों ने उनको सम्पूर्ण ऊर्जावान, प्रतिभावान बना दिया। बाबा शम्भूनाथ के पट्टधर अजबनाथ के देहातीत होने के पश्चात आश्रम की बागड़ोर को बालकनाथ व प्रकाश नाथ सहयोगी संतो के साथ बखुबी निभा रहे है।
आप स्व व पर कल्याण की साधना में अहर्निश समर्पित होकर नाथ के आदर्शों व सतनाथ पंथ की महिमा के साथ लोककल्याण कार्य कर रहे हैं। आपके सख्त संयम और अनुशासन से प्रेरित देशभर में लाखों भक्त नाथ के असाधारण और विराट व्यक्तित्व आपका गुणगान करते हुए स्वंय को धन्य मानते है।
प्रत्येक श्रद्धालु को ज्ञानवान, क्रियावान और विवेकवान बनाने की दिशा मे प्रयत्नशील आश्रम की महिमा मिसाल है। अनुयायी आपके प्रेरणा पथ पर संयमित जीवन जीकर मानव जीवन को सार्थक बना रहे है।
युग निर्माता प्रेरणापुंज सद्गुरु शम्भूनाथ के महान व्यक्तित्व को समर्पित चंद पंक्तियां-
सद्गुरु शम्भू नाथ भक्तों के सरताज है, उनकी संयम साधना पर हम सबको नाज है। युग-युग तक आपका शासन सदा जयवंत रहे, सदा मिले छत्र-छाया आपकी यही अंतर्मन की आवाज है।।