नीमच। मुनी सुप्रभ सागर जी महाराज एवं मुनि वैराग्य सागर जी महाराज की पावन निश्रा व श्री सकल दिगंबर जैन समाज नीमच शांति वर्धन पावन वर्षा योग समिति नीमच के संयुक्त तत्वाधान में श्री शांति सागर मंडपम दिगंबर जैन मांगलिक भवन नीमच में समाज जनों द्वारा आचार्य शांति सागर जी महाराज के जीवन चरित्र पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया गया।
आचार्य वंदना आरती के साथ हुई। नाटक के निर्देशक बाल ब्रह्मचारी चंदना दीदी ,बाल ब्रह्मचारी संध्या दीदी जबलपुर, निर्देशक प्रियंका विनायका जैन ब्रोकर्स, आभा विनायका थी। इस अवसर पर अंकित गोधा ने सो जागे भवसागर तर जावे ना जो गुरुवर शांति सागर की शरण में आएगा वह तर जाएगा ,सुख के सागर शांति सागर जीवन के आधार है गुरु महान है। शांति सागर संयम नहीं लेते तो कायाकल्प नहीं करते तो मानवता नहीं मानवता नहीं मान पाती... गीत की रचना प्रस्तुत की। निकिता गोधा के निर्देशन में महिलाओं द्वारा णमोकार मंत्र पर मंगलाचरण का सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। नाटक में सूत्रधार की आवाज अजय कासलीवाल ने प्रदान की । नाटक के मध्य बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है का संदेश , पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया गया था। नाटक में दादा दादी का अभिनय संजय नीलू बज, नाना नानी का अभिनय संजय सुनीता बांकलीवाल, माता पिता का अभिनय ईना प्रिक्षेप अजमेरा, संत देवेंद्र कृति का अभिनय आदेश कासलीवाल, बहन का अभिनय वंशिका गोधा,मित्र का अभिनय ऋषभ जैन , शांति सागर जी महाराज का हर्षित विनायका ने, पंडित जी का अभिनय शशांक शाह ने, नौकर देवा का अभिनय आयुष जैन ने प्रस्तुत किया कोरियोग्राफर निर्देशन ऋषभ सोनी ने किया।