गरोठ। शामगढ़ क्षेत्र मे गरोठ उज्जैन फोरलेन निर्माण के दौरान NHAI द्वारा निकट भविष्य मे होने वाली बाधा को नजर अंदाज करते हुए मकड़ावन क़े यहां अंडरपास निर्माण की जो मनमानी की गई है उससे अब आकली दीवान, बरखेड़ा कालास्वामी, खाइखेड़ा, परा पालखंडा सहित बोलिया तक क़े ग्रामीणों को परेशानी का आगामी सबब दें दिया है। मकड़ावन तालाब का ओवरफ्लो वाटर अंडरपास मे निर्माण क़े दौरान 2 से 3 फिट तक भरा पड़ा है। अभी अंडरपास 80% बन चुका है लेकिन आवागमन शुरू होने से पहले ही नजर आ रही मुसीबत को भापते हुए इलाके क़े सरपंच और जनप्रतिनिधियों क़े साथ ग्रामीणों ने गलत तरीके से हुए निर्माण क़े विरोध मे आवाज़ उठाई है और 15 अक्टूबर को ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए काम बंद करवाया था। फिर शाम को मोके पर पहुंच गरोठ विधायक चंदरसिंह सिसोदिया ने भी ग्रामीणों की मांग को जायज ठहराया था और उन्होंने कहा था कि निर्माण कंपनी और वरिष्ठ अधिकारी शुरुआत से मनमानी करने में लगे हुए हैं।
आज ग्रामीणों को तहसील कार्यालय मे बुलाकर संवाद किया गया। संवाद पश्चात तहसीलदार प्रियंका मीमरोट , मोहन पूर्वीया प्रोजेक्ट डायरेक्टर NHAI, संध्या टाले NHAI तकनिकी प्रबंधक, फोरलेन निर्माण कम्पनी प्रोजेक्ट इंचार्ज मनमोहन यादव सहीत PWD SDO कमल जैन, पटवारी भूपेंद्र सिंह मोके पर पहुचे व जायजा लिया।
भाजपा नेता तूफानसिंह परिहार, ईश्वरसिंह मकड़ावन व अन्य उपस्थिति सभी ग्रामीणों ने शुरुआत से पहले ही अंडरपास मे भरे पानी से निजात दिलाये जाने की बात रखी। देखने मे यह भी आया की निर्माण क़े समय मकड़ावन तालाब से अंडरपास का लेवल सही तरह से नहीं नापा गया जिसके चलते अब परेशानी मुँह फाडे खड़ी हो गई है।
बता दें की मकड़ावन जो है वह सुवासरा विधानसभा मे आता है वही मकड़ावन क़े बाद गरोठ विधानसभा शुरू होती है। दिक्कत अब गरोठ विधानसभा क़े ग्रामीणों क़े लिए हो गई है क्योंकि शामगढ़ आने क़े लिए ग्रामीणों को मकड़ावन अंडरपास से होकर गुजरना पड़ेगा लेकिन अंडरपास शुरू होने से पहले ही जलमग्न हो चुका है। फिलहाल गरोठ उज्जैन फोरलेन पर वेकल्पिक रास्ता फोरलेन क़े ऊपर से दिया हुआ है लेकिन जिस दिन फोरलेन पर वेकल्पिक रास्ता बंद होगा उसके बाद ग्रामीण कहाँ से निकलेंगे ये सवाल सामने आ खड़ा है।
मोके पर अधिकारीयों द्वारा बचकानी बातो पर ग्रामीण नाराज भी हुए और पूर्व मे हुई गलती को ढाकने क़े प्रयासों का मौखिक विरोध भी किया। ख़ैर.. अब अंडरपास जलभराव समस्या की गेंद गरोठ विधायक चन्दरसिंह सिसोदिया क़े पाले मे चली गई है। अब ग्रामीणों की आख़री उम्मीद क्षेत्रीय विधायक बचे है। देखना होगा की गांव गांव भाजपा की सदस्यता दिलाने पहुंच रहे विधायक अपने ग्रामीण कार्यकर्ताओ की परेशानी का हल कब तक और कैसे और किस तरह निकाल पाते है।
बता दें की ये अंदरपास वही जगह है जहाँ शामगढ़ व मकड़ावन सहित 10 गांव क़े लोगो ने फोरलेन कोनक्टीविटी की मांग करते हुए चक्का जाम करते हुए काम बंद करवा दिया था और 2 माह तक काम भी भी बंद रहा लेकिन कोनक्टीविटी की मांग को उस समय धक्का लगा जब MKC कम्पनी ने बीते सप्ताह रात मे यह कहते हुए काम शुरू कर दिया की कनेक्टीविटी की मांग क़े लिए दिया गया दो माह का समय पूरा हो गया है।