गरोठ। नगर से 8 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम बरखेड़ा गंगासा में सुबह से कन्या पूजन कर भंडारा प्रारंभ हुआ। मां दूधाखेड़ी के दरबार में भंडारे का आयोजन रखा गया। मां की असीम कृपा से यहां हर लकवा रोगी पीड़ित पल भर में ठीक हो जाते हैं। मां के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं जाता है। माता रानी के भक्तजन यहां के भंडारे को बड़े त्यौहार के रूप में मनाते हैं, क्योंकि इस दिन गांव मे सभी कामकाज कृषि कार्य व्यवसाय सभी बंद रखते हैं। इस दिन गांव में किसी के घर चूल्हा नहीं जलता। किसी के घर खाना नहीं बनता है। बाहर से पधारे हुए सभी भक्तजन भी इसी भंडारे में भोजन प्रसादी ग्रहण करते हैं। गांव के सभी नागरिक हजारों की संख्या में सुबह से लेकर शाम तक विशाल भंडारे में सेवा देते हैं।
भंडारा समिति के कुछ सदस्य गरोठ से साठखेड़ खड़ावदा जाने वाली बसों को रोककर यात्रियों को भोजन प्रसादी ग्रहण करने का आग्रह करते हैं। सभी यात्री मां के दर्शन कर भोजन प्रसादी ग्रहण करने के पश्चात मां के दरबार से आगे की यात्रा प्रारंभ करते हैं। ग्राम वासियों व आसपास के धर्म प्रेमी बंधुओं के सहयोग से पिछले 27वर्षों से निरंतर अश्विन नवरात्रि के पश्चात शरद पूर्णिमा को विशाल भंडारे का आयोजन होता आ रहा है। इस वर्ष सफलता का 28 वां विशाल भंडारा आयोजित हुआ है। मां के दरबार में कार्यकर्ताओं ने सुबह 5 बजे से 9 बजे तक भट्टियों पर मां का प्रसाद बनाकर शाम 6 बजे तक निरंतर मां का प्रसाद रूपी भोजन भक्तों तक पहुंचाया। मां के दरबार में सुबह से शाम तक करीब 55000 श्रद्धालुओं ने दर्शन कर प्रसादी प्राप्त की।
आपको बता दें कि यहां पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 5 दिन तक मेले का आयोजन किया गया था। जहां पर बच्चों के खेलने व मनोरंजन के लिए हर खिलौने मिलते हैं। गरोठ थाने से पुलिस के जवान भी विशाल भंडारे में अपनी सेवाएं देते हैं।