नीमच। शहर के उप नगर नीमच सिटी के रावण रूंडी में 100 साल पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए बीती रात शरद पूर्णिमा पर 31 फीट के रावण के पुतले का दहन किया गया। इस अवसर पर रंगारंग आतिशबाजी की गई। चारभुजा मंदिर से निकली राम लक्ष्मण की शोभायात्रा ने मैदान के चारों ओर बैंडबाजे के साथ परिक्रमा की। दशहरा उत्सव के दौरान स्वांगधारियों ने रावण रूंडी के मैदान में जमा दर्शकों के सामने विभिन्न वेशभूषाओं में अपनी-अपनी प्रस्तुति दी, जिसमें श्री राम लक्ष्मण, महादेव, बाल हनुमान, श्रवण कुमार, मेघनाथ, कुंभकरण और विभिन्न रूपों में स्वांग रचकर प्रतिभागियों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
ऐसी मान्यता है कि राम रावण युद्ध के 5 दिन बाद शरद पूर्णिमा पर रावण ने अपने प्राण त्यागे थे। इसी दिन उसका अंतिम संस्कार भी किया गया था। यह भी माना जाता है कि शरद पूर्णिमा के दिन अमृत वर्षा हुई थी और युद्ध में धर्म का साथ देने वाले राम के सैनिक जीवित हो गए थे। इसी परंपरा का पालन करते हुए रावण रूंडी में शरद पूर्णिमा के दिन रावण दहन किया जाता है। दशहरा उत्सव के विशाल आयोजन में पंडित मनोज कश्यप, राकेश पप्पू जैन, नीरज अरोरा, महेंद्र भटनागर, कमलेश राठौर, ललित राठी, दिनेश मनावत, घनश्याम शर्मा, ललित पाटीदार, घीसालाल धाकड़ अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मी नारायण विश्वकर्मा ने किया।