चित्तौड़गढ़। संगीत में भक्ति आ जाए तो उससे बढ़कर कोई अवस्था नहीं होती और मैं कभी खुद को भक्ति से अलग नहीं रख पाती हूं। यह कहना है मीरा महोत्सव में प्रस्तुति देने आई कलाकार विधि शर्मा का। बचपन में उन्हें बर्थडे पर मीराबाई के पदों की किताब किसी ने उपहार में दी थी, तब से वह उन भजनों को स्वरबद्ध भी कर रही है। दिल्ली की विधि ने बताया कि उसके गायन की शुरूआत ही मीरा के भजन पग घुघंरू बांध मीरा नाची रे से हुई थी, वह तब तीन साल की थी। उसके दादा मीरा के खूब भजन गाते थे, तो जन्म से पहले ही उसने उन्हें सुन लिया था। यह दादाजी का आशीर्वाद ही रहा कि आज उसे मीरा की धरती पर उन्ही के भजनों को गाने का मौका मिला है। उसने भारत के अलावा विदेशी धरती पर भी हिंदुस्तानी संगीत की कई प्रस्तुतियां दी है। ग्रैमी अवार्ड़ी विधि ने आईफा में भी गाया है।
अमृता तीस सालों से गा रही है मीरा के भजन-
मीराबाई के पद गाना मेरे लिए आध्यात्मिक अनुभव रहा है, पिछले 30 सालों से मैं उनके भजन गा रही हूं। यह कहना है मीरा महोत्सव में प्रस्तुति देने आई कलाकार अमृता काले का। मुंबई की अमृता ने कहा कि मीरा की भक्ति और समर्पण का एक प्रतिशत भी लोग खुद में उतार ले तो भवसागर आसानी से पार हो जाएगा। उन्हें दिल को छू लेने वाला सभी संगीत बहुत पसंद है। लोगों से वह यह उम्मीद करती है कि भारतीय संगीत की धरोहर बनाए रखे, उसे सुने और जीवन में उतारे, जिसमें पूरा जहां मिल जाएगा। लोगों से उनकी यह भी अपेक्षा है कि कलाकारों को मंच मिलता रहे, इसके लिए वह संगीत में अपनी रूचि बनाए रखें। मुंबई में उन्होंने स्वरामृत फाउंडेशन के नाम से एक एनजीओ संचालित किया है, जिसमें ऑनलाइन वह भारतीय संगीत की शिक्षा देती है।
आज के कार्यक्रम-
मीरा महोत्सव के तहत प्रातः दुर्ग स्थित मीरा मंदिर में भक्ति रसोत्सव भक्तिभाव नृत्य, मीरा भजन एव भक्ति संगीत सभा की प्रस्तुति-स्वर साधिका अमृता काले, डॉ.विजया शर्मा, रंगरूपा बोरा एवं प्रवीण परिहार, गै्रमी अवार्डी विधि शर्मा ने दी। रात आठ बजे से इंदिरा प्रियदर्शिनी ऑडिटोरियम में भक्तिमती मीरा नृत्य नाटिका मेवाड़ यूनिवर्सिटी की प्रस्तुति, ओडिसी नृत्यांगना कुंजलता मिश्रा की शिष्या शिप्रा, रासलीला प्रवीण परिहार एवं साथी कलाकारों ने दी। राजस्थानी समूह नृत्य, मेवाड़ गर्ल्स कॉलेज घूमर नृत्य एवं पद्मावती जौहर माहेश्वरी महिला संगठन गरबा डांडिया रास, उड़ान डांस एकेडमी भजन-गै्रमी अवार्डी विधि शर्मा एवं कान्हा संग फूलों की होली के कार्यक्रम हुए।