चित्तौड़गढ़। अद्भुत, बहुत सुंदर, लाजवाब रही प्रस्तुति, कुछ ऐसी ही प्रतिक्रिया थी दर्शकों की। मौका था मीरा महोत्सव में गुरूवार रात ‘मेरे तो गिरधर गोपाल’ नृत्य नाटिका की प्रस्तुति का। इंदिरा प्रियदर्शनी ऑडिटोरियम में कलानेत्री डॉ. विजया शर्मा के नेतृत्व में टीम ने यह प्रस्तुति दी, तो दर्शक एकटक उसे देखते रहे। इस नाटिका में मीरा के भजन ‘हरि तुम हरो जन की पीर’ में आए द्रोपदी चीर हरण, नरसिंह अवतार, डूबते गजराज को बचाने के प्रसंग की अभिनय के जरिए प्रस्तुति एक नया प्रयोग था, जिसे दर्शकों ने इतना पसंद किया कि कार्यक्रम खत्म हो जाने के बाद भी कलानेत्री का संवाद सुनने और सराहने के लिए दर्शक खड़े रहे। ढलती रात जहां घर जाने के लिए उन्हें उतावला कर रही थी, वही इस प्रस्तुति ने उनके कदमों को रोक दिया। दर्शक भाव विभोर होकर अभिनय का आनंद ले रहे थे। मीरा के जीवन की मुख्य घटनाओं सहित अंतिम समय द्वारका में उनका कृष्ण के विग्रह में समाने तक का घटनाक्रम नाटिका में प्रस्तुत किया गया। इससे पहले मुंबई की भजन गायिका अमृता काले ने मीरा के भजनों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद सी.पी. जोशी ने अगला महोत्सव ऐतिहासिक हो, इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर देने की बात कही। आयोजन समिति अध्यक्ष प्रो. सत्यनारायण समदानी ने स्वागत उद्बोधन में मीराबाई का राष्ट्रीय स्मारक बनाने का आग्रह जोशी से किया।
मंदिर में कलाकारों के दिल में समां गई मीरा
मीरा महोत्सव के उपलक्ष्य में शुक्रवार सुबह दुर्ग स्थित मीरा मंदिर पर आयोजित कार्यक्रम में मानो साक्षात मीरा कलाकारों के दिल मेें समा गई थी, फिर उनकी प्रस्तुतियों ने जो समां बांधा तो दर्शक भावविभोर हो गए। सर्वप्रथम भजन गायिका अमृता काले ने ‘म्हारो प्रणाम बांके बिहारी’, बादलिया बरसो सांवलिया रे देश आदि भजन सुनाकर समां बांध दिया। इसके बाद असम की कलाकार रंगरूपा बोरा ने जब भजन ‘पग घुघंरू बांध मीरा नाची रे’ के साथ प्रस्तुति शुरू की तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। बनारस घराने की शास्त्रीय गायिका रोशनी केसरी कसोधन ने ‘पिया तोसे लागा जो ये मन’, मीरा हो गई मगन’ भजन प्रस्तुत किया। ग्रैमी पुरस्कार विजेता विधि शर्मा ने एक के बाद एक ‘हे श्याम माने चाकर राखो जी’, ‘म्हारे घर आओ जी प्रितम प्यारा, गिरधर के आगे नाचुंगी आदि भजनों की प्रस्तुतियां दी तो अभिभूत श्रोता जगह से उठकर नृत्य करने लगे। उनके मृदु कंठ की श्रोताओं ने खूब दाद दी। कथक नृत्य कलाकार प्रवीण परिहार के नृत्य के माध्यक से कालिया सर्प मर्दन, कान्हा का मटकी फोड़ माखन चुराने आदि प्रसंगों की प्रस्तुति को भी दर्शकों ने खूब सराहा। अंतिम प्रस्तुति भोपाल की डा. विजया शर्मा और साथी कलाकारों ने दी। मीरा के रूप में कलाकार भार्गवी कीे ‘म्हारो प्रणाम बाके बिहारी जी प्रस्तुति भी खूब सराही गई। समूह नृत्य आलि माने लागे वृंदावन मीठो’ ने दर्शकों को आनंदित कर दिया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि एसपी सुधीर जोशी व रेणु जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। स्वागत उद्बोधन समिति अध्यक्ष सत्यनारायण समदानी ने दिया। सचिव अर्जुन मूंदड़ा, सहसचिव ओमप्रकाश औदिच्य, सुनील ढीलीवाल, प्रदीप दीक्षित, विनायक द्विवेदी, बाबू खां आदि उपस्थित थे। संयोजन कुंतल तोषनीवाल ने किया।