कुकड़ेश्वर। प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी मेढ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज कुकड़ेश्वर द्वारा शरद पूर्णिमा के अवसर पर स्वर्णकार समाज के आराध्य देव अजमीढ जी महाराज की जयंती के अवसर पर अजमीढ़ जयंती स्वर्णकार समाज के वरिष्ठ चौथमल सोनी, संपत लाल सोनी, विष्णु कुमार सोनी, डॉक्टर प्रेम सोनी, तेजकरण सोनी, भगवती प्रसाद सोनी की उपस्थिति में महाराजा अजमीढ़ जी की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलित कर पूजा अर्चना के साथ समारोह प्रारंभ हुआ।
इस अवसर पर भगवती प्रसाद सोनी ने बताया कि राजा हस्ती के पुत्र भगवान श्री राम के वरद हस्त अजमीढ़ जी बाल्यकाल से ही स्वर्ण कला में पारंगत थे। उन्होंने स्वर्ण की कलाकृतियां बनाकर राजा महाराजाओं को भेंट करते थे तभी से स्वर्णकार समाज स्वर्ण आभूषणों का निर्माण करता चला आ रहा है स्वर्णकार समाज के आराध्य देव अजमीढ जी महाराज का जन्मोत्सव शरद पूर्णिमा के अवसर पर प्रतिवर्ष मनाया जाता है। शाम 4.00 बजे लक्ष्मीनाथ मंदिर पर स्व जातीय बंधुओं का एकत्रीकरण हुआ। पूजा अर्चना के साथ महाराजा अजमीढ़ जी का चल समारोह ढोल बैंडबाजो के साथ लक्ष्मीनाथ मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गाे से होता हुआ जैन धर्मशाला पहुंचा मार्ग में जगह-जगह विभिन्न समाज बंधुओ द्वारा महाराजा अजमीढ़ जी का पुष्प वर्षा के साथ स्वागत अभिनंदन किया। जहां पर स्वर्णकार समाज के पितृ पुरुष महाराजा अजमीढ़ जी की महाआरती संपन्न हुई। कार्यक्रम में संजय सोनी, बद्रीलाल सोनी विनोद सोनी, प्रखर सोनी राधेश्याम सोनी, ललित सोनी मनीष सोनी, प्रेम कुमार के साथ बड़ी संख्या में माताएं-बहनें तथा आसपास क्षेत्र के स्व जातीय बंधु उपस्थित थे। सभी का आभार तेजकरण सोनी द्वारा माना गया।