नीमच। संगीत एवं कला के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाने वाली संस्था हार्मनी विगत 34 वर्षों से प्रतिवर्ष परंपरा अनुसार हर बार संगीत को नये अंदाज में लेकर क्षेत्र वासियों को संगीत की स्वर लहरियों से आनंद प्रदान करती है। हार्मनी संस्था के जम्बुकुमार कुमार जैन, प्रशांत मित्तल व रवि शर्मा ने बताया कि इस वर्ष हार्मनी की संगीत संस्था द्वारा महिला सशक्तिकरण को समर्पित हार्मनी विभावरी संगीत संध्या शनिवार 19 अक्टूबर रात 8 बजे गांधी वाटिका स्थित रतन देवी मगन लाल जी जैन मांगलिक भवन परिसर में आयोजित की गई। हार्मनी की संगीत संध्या का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण अतिथियों के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शंखनाद सर्वप्रथम गणपति वंदना से किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक दिलीप सिंह परिहार, नीमच नगर पालिका के अध्यक्ष स्वाति गौरव चोपड़ा, समाजसेवी उद्योगपति डीएस चौरडिया, रेनू संतोष चोपड़ा, जयंतीलाल पितलिया, योगिता आशीष अग्रवाल, अंशु अक्षय गोयल, रमा सौरभ जिंदल, डॉ आशा डॉक्टर एलबीएस चौधरी, डॉक्टर रंजना दीपक सिंहल, संगीता राजेंद्र जारौली, शशि राजेश जैन, नारी सेठ विजय ,डॉक्टर माधुरी अनिल चौरसिया, बीना बृजेश सक्सेना, रेनू आतिश तोतला, तनीषा दिव्यांशु गर्ग, प्रीति कमल एरन, मनोहर अर्जनानी, आदि विशेष अतिथि के रूप में सहभागी बनें। हार्मनी के संगीत में कार्यक्रम में नव प्रतिभावान गायक कलाकारों द्वारा पुरानी फिल्मों के गीतों को प्रस्तुत किया जाता है। इसमें गीत कलाकारों को करण प्रिय मधुर संगत देने के लिए मुंबई से ऑर्केस्ट्रा टीम को भी शामिल किया है। 25 से अधिक गीतों का गुलदस्ता प्रस्तुत किया जाता है जिसमें अलग-अलग गीतों की खुशबू होती है। इस गीतों के गुलदस्ते में डॉक्टर इंजीनियर विद्यार्थी अनेक प्रतिभावान उद्योगपति भी सहभागी बनते हैं। कार्यक्रम के प्रत्येक गीत की प्रस्तुति पर उसे जीत के गीतकार संगीतकार और गायक कलाकार और फिल्म का नाम और सन भी साथ-साथ प्रसारित किया जाता है ताकि श्रोता को यह पता लग सके कि यह गीत किस फिल्म का था और इसे किस पर फिल्माया गया था। इसी विस्तृत जानकारी के कारण हार्मनी संगीत संध्या में हजारों लोग सहभागी बनते हैं। कार्यक्रम का संचालन मुकेश भटनागर तथा गुरबचन नरवले ने किया। तथा आभार जम्बु कुमार जैन ने व्यक्त किया।
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इन्होंने दी इन गीतों की प्रस्तुति.....
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आशी अरोरा ने ज़वानी जाने मन., यह मेरा दिल प्यार का दीवाना.. सौम्या रस्तोगी ने मेरे ख्वाबों में जो आए..., रवि सौम्या ने छुप गए सारे नजारे.. रवि शर्मा और श्रद्धा ने आज कोजुनली रात.., चंद्रशेखर योगी ने दिल क्या करे जब किसी को.. राजेंद्र शर्मा ने मेरे महबूब कयामत होगी... निष्ठा कंडारा ने मेरे ढोलना सुन..., छाई बरखा बहार..., श्रद्धा जगताप ने ए दिल नादां.., राजश्री जायसवाल ने जहां पर सवेरा हो... मुस्तफा राजश्री ने पर्वत के उस पार तथागत शर्मा ने दिल हारा रे.. ,जम्बु कुमार श्रद्धा ने यूं ही तुम मुझसे बात करती हो..., डॉक्टर पंकज सोनी ने खिलते हैं गुल यहां ....,गोपाल बोरीवाल ने दिल के टुकड़े टुकड़े करके ...,कमलेश कंडारा ने चौक पुराओ.., भूपेंद्र भारद्वाज ने नायक नहीं खलनायक हूं में.., शिवा मित्तल ने तेरा मेरा प्यार अमर.., श्री गुप्ता ने ओ मेरे सोना रे..., सूरज नैनवाया ने हाल क्या है दिलों का ना पूछो सनम..., श्रद्धा जगताप ने तूने और रंगीला कैसा जादू किया..,जम्बु कुमार निष्ठा ने जिंदगी की ना टूटे लड़ी..., रमा गोयल ने यह नयन डरे डरे...रवि भुपेंद्र ने इक रास्ता दो राही.., भूपेंद्र ने थोड़ी सी जो पीली चोरी नहीं की..., सुरेश गुलशन ने गाईये गणपति जग वंदन...आदि मधुर करण प्रिय गीत प्रस्तुत किये जिसे श्रोताओं ने मंत्र मुक्त होकर सुना।