कुकड़ेश्वर। नगर के हंसमुख, मिलनसार और धार्मिक गतिविधियों में सदैव सहयोगी रहे दयालजी व्यास का आकस्मिक एवं दुखद निधन हो गया। उनका असमय जाना परिवार और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। दयाल जी व्यास का व्यक्तित्व अत्यंत विनम्र, सामाजिक और धार्मिक था।
आप कमला शंकर और मुरारी लाल व्यास के अनुज थे, और अंकित के पिताजी, महावीर के काका और रोहित के बड़े पापा थे। उनका निधन न केवल परिवार के लिए एक बड़ी क्षति है, बल्कि समाज में भी शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन से समाज ने एक स्नेही और आदर्श व्यक्ति खो दिया है, जिनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
अंतिम यात्रा में सैकड़ों नागरिकों ने भाग लिया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दुख की घड़ी में समाज और परिवार के सभी लोग व्यथित हैं। उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होकर लोगों ने शोक व्यक्त किया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। ईश्वर से प्रार्थना है कि दयालशंकर जी की आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को इस कठिन समय में शक्ति दें।