चित्तौड़गढ़। श्याम रस महोत्सव समिति, चित्तौड़गढ़ द्वारा तृतीय श्याम संकीर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संयोजक अशोक भंडारी ने बताया कि संगम रोड स्थित एक गार्डन में रात्रि 8 बजे से भजन संध्या प्रारंभ हुई जो अलसुबह तक चली। भजन संध्या स्थल पर निकुंभ नरेश द्वारा बाबा का अलौकिक मनभावन श्रृंगार किया गया उसके पश्चात अखंड ज्योत प्रज्जवलित की गई।
भजन संध्या का आगाज भजन प्रवाहक मेवाड़ के लाडले दोनों भाई अभी-अनुज,भीलवाड़ा द्वारा किया गया जिसमें उन्होंने कीर्तन की शुरुवात घर मे पधारो गजानंद जी.. , मेरे केसरी के लाल मेरा छोटा से ये काम.., आता रहा है सांवरा आता ही रहेगा.., कसम से श्याम का रंग चढ़ गया.., आदि भजन कंठकोकिल वैष्णवी राय, भोपाल द्वारा फसी भंवर में थी मेरी नैया..., दिलदार कन्हिया में मुझको अपनाया है..., यूँ तो आंसू आये नही.., जो है अलबेला मस्त नेनो वाला.. आदि भजन प्रस्तुत किए।
सुरलहरी इंदौर के शुभम राणा ने मन की बांता सांवरिया ने आज सुना के देख ले..,साथी हमारा कोन बनेगा.., तीन बाण के धारी तीनो बाण...,एक आस तुम्हारी है विश्वास तुम्हारा है.. बैठ नजदीक सांवरा के तू...,आदि भजन प्रस्तुत किए जिससे पूरा पंडाल में उपस्थित सभी श्यामभक्तो को श्याममय कर भावविभोर कर दिया।
श्यामभक्तो के अनुरोध पर पुनः वैष्णवी राय ने भजन बाबा मेरी बेटी को ऐसा परिवार मिले, बेटी हूँ तो क्या बेटे से ज्यादा फर्ज निभाऊंगी,ओर मत मारो कोख में भजनो से उपस्थित महिलाओ एव पुरुषो को आंखों से अशुधारा बह निकली।
भजन संध्या के दौरान आतिशबाजी,पुष्प एवं इत्र वर्षा, अखण्ड ज्योत आदि कार्यक्रम आयोजित कर बाबा श्याम की आरती के पश्च्यात छप्पन भोग का प्रसाद वितरण किया गया। भजन संध्या में चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, शंभुपुरा गंगरार,पुर,ओछड़ी,आस्था मित्र मंडल चन्देरिया सहित आसपास के श्याम मित्र मंडल के सदस्य एवं श्यामप्रेमियो ने भाग लिया।
सुबह चार बजे तक चली भजन संध्या में उपस्थित श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। श्याम रस महोत्सव समिति, चित्तौड़गढ़ की ओर से उपस्थित सभी भजन गायकों, अतिथियों का माल्यार्पण, श्याम दुपट्टा पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन कर सभी का आभार प्रकट किया।