रतलाम। दीपावली के पहले रतलाम के महालक्ष्मी मंदिर का दानपात्र आज (मंगलवार) दोपहर खोला गया। दानपात्र में श्रीलंका का 100 रुपए का नोट समेत सोने-चांदी की अंगूठी निकली। नोटों की गिनती अब भी हो रही है। मंदिर में दीपावली पर पांच दिन तक नोटों व आभूषणों से सजावट होगी। इसके लिए अब तक करीब 22 लाख से अधिक कीमत के नए नोट आ चुके हैं, गिनती का सिलसिला अब भी जारी है। तहसीलदार ऋषत्र ठाकुर के निर्देश पर नाजिर भेरुलाल मालवीय और पटवारी राजेश रावल गिनती कर रहे हैं।
इधर, सूतक के दौरान पूजा करने के विरोध के बाद संजय पुजारी को हटाकर प्रशासन ने अन्य पुजारी को नियुक्त कर दिया है। पूर्व में पदस्थ रहे पुजारी के कार्यकाल के दौरान मंदिर में रखी हर एक सामग्री की जानकारी प्रशासन जुटा रहा है। यहां तक हाल ही में सजावट के लिए आए नोटों की भी गिनती प्रशासन ने की है। मंदिर में पूर्व पुजारी ने अपने नाम से मां लक्ष्मी जी की तस्वीर बनाकर शासकीय पुजारी लिखवाकर मंदिर में रख रखी थी। वह भी प्रशासन ने अलमारी में रखवा दी है। वहीं अब प्रशासन मंदिर में हर एक चीज नए पुजारी को सुपुर्द कर उनकी निगरानी में रख रहा है।
दानपात्र में नोटों के साथ निकली चिल्लर
दोपहर के समय नाजिर भेरुलाल मालवीय की उपस्थिति में पटवारियों की टीम ने दानपात्र खोला, जिसमें बड़ी मात्रा में नोट और चिल्लर निकली है। नोटों की छंटनी कर अलग-अलग रखे जा रहे हैं। दानपात्र में से 100 रुपए का श्रीलंका का नोट, सोने की अंगूठी व चांदी के पैर, चांदी के घुंघरु भी निकले हैं। पटवारी मुकेश मरमट, विजय मकवाना, राजेश रावल, जगदीश कसेरा, बाबुलाल मुनिया, गिरीश शर्मा एवं विकास व्यास नोटों को अलग-अलग कर गिनती में लगे हैं। शाम तक राशि की गणना हो पाएगी।
मंदिर में आए 22 लाख रुपए के नोट
मंदिर में पूर्व पंडित संजय पुजारी ने सजावट को लेकर शरद पूर्णिमा से नोट व अन्य सामग्री लेने की शुरुआत की थी। अब तक मंदिर में 22 लाख 41 हजार 200 रुपए के नए नोटों की एक रुपए से लेकर 500 रुपए तक नए नोटों की गड्डियां आ चुकी हैं।
इनमें से अब तक 7 लाख 54,200 रुपए की फ्रेश नोट की गड्डियां रखी हुई हैं। जबकि 14 लाख 87 हजार रुपयों की सजावट मंदिर परिसर में लड़ियां बनाकर की जा चुकी हैं। सोमवार को भी कई लोग मंदिर में नोट लेकर आए थे, लेकिन नहीं लिए गए। मंगलवार को प्रशासन की अनुमति के बाद फिर से मंदिर में सजावट के लिए नोट लेकर आने वाले लोगों का सिलसिला शुरू हो चुका है।
गर्भगृह में माताजी के आर्टिफिशियल मुकुट
जब प्रशासन की टीम ने मंदिर में रखे आभूषणों की जांच की तो गर्भगृह में माताजी के आर्टिफिशियल मुकुट, पीतल की महालक्ष्मी जी की मूर्ति, पीतल की गणेश जी व ठाकुर जी की दो मूर्ति, एक आर्टिफिशियल गाय व मंदिर परिसर में लगी 8 प्रतिमाओं पर चांदी का 9 मुकुट, 18 कुंडल व 8 छत्र मिले हैं। जिन्हें नए पुजारी के हैंडओवर कर दिया है।