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October 26, 2024, 6:05 pm
BIG NEWS : आगामी अफीम नीति 2024-25, ऐसा क्या हुआ जिसने तोड़ दिया पिछले 10 सालों का रिकार्ड, जानकारों ने कही ये बड़ी बात, बोले- ज्यादा देरी हुई तो..., पढे़ महेश मेनारिया की खबर

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नीमच। मालवा-मेवाड़ के अफीम काश्तकार बेसब्री से आगामी अफीम नीति 2024-25 का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने अभी तक भी अफीम पॉलिसी जारी नहीं की है। अफीम की खेती के जानकारों की मानें तो पिछले 10 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है कि 25 अक्टूबर बीत जाने के बाद भी नई अफीम नीति की घोषणा नहीं हो पाई है। पिछले साल 13 सितंबर को ही अफीम नीति की घोषणा हो गई थी तब मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव थे। पिछले 10 सालों में इस बार ही अफीम नीति जारी करने में इतनी ज्यादा देरी हुई है। वहीं 2013 में सबसे पहले अफीम नीति की घोषणा की गई थी।

 

मालवा-मेवाड़ में लाखों अफीम काश्तकार-
आपकों बता दें कि मालवा-मेवाड़ में बड़े पैमाने पर काश्तकार अफीम की खेती करते हैं। अफीम की फसल के लिए किसानों ने अपने खेत तक तैयार कर लिए हैं। बस अफीम नीति का इंतजार कर रहे हैं। इस बार किसानों को पुराने निरस्त हुए पट्टे भी बहाल होने की उम्मीद है। हालांकि किसान सीपीएस पद्धति से खुश नहीं है। सूत्र बताते है कि इस बार पिछले वर्षों में कम औसत से निरस्त हुए पट्टे फिर से बहाल हो सकते हैं।

 

इस बार अफीम नीति में मिलेगी अच्छी खबर-
नीमच-मंदसौर संसदीय क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि इस बार की अफीम नीति किसानों के लिए अच्छी खबर लेकर आएगी। उन्होंने भी पिछले वर्षों में निरस्त हुए पट्टों को सीपीएस पद्धति में बहाल करने की बात कही है। हालांकि नई अफीम नीति की घोषणा होने के बाद ही पता चलेगा की नई अफीम नीति से किसान कितने खुश हैं।

 

नीति में देरी से उत्पादन पर पड़ेगा प्रभाव-
अफीम नीति में हो रही देरी से इस बार बोवनी में भी देरी होगी। इससे अफीम फसल के उत्पादन पर प्रभाव पड़ेगा। अफीम की खेती के जानकारों की मानें तो ठंड के बाद आगामी दिनों में गर्मी बढने के साथ अफीम का उत्पादन घटने के अलावा इस पर रोगों का प्रकोप भी बढ़ता है। साथ ही सीपीएस वाले पट्टेधारियों को भी अधिक नुकसान होता है। इससे पट्टे कटने की स्थिति बनती है। किसानों को खेतों पर निगरानी करनी पड़ती है और कीटनाशक का खर्च भी अधिक वहन करना पड़ता है। मावठे की स्थिति में और भी नुकसान होता है।


पिछले 10 सालों में कब-कब जारी हुई अफीम पॉलिस-
आपकों बता दें कि पिछले 10 सालों में इस वर्ष 2024 में ही अफीम पॉलिसी इतनी लेट हो रही है। अगर अफीम नीति की घोषणा की बात करें तो अब तक 2023 में सबसे पहले अफीम नीति की घोषणा हुई है। जबकि वर्ष 2014 में 22 सितंबर तो वर्ष 2015 में 5 अक्टूबर को अफीम नीति का नोटिफिकेशन जारी हुआ था। वहीं 2016 में 20 अक्टूबर, 2017 में 18 अक्टूबर, 2018 में 28 सितंबर, 2019 में 1 अक्टूबर, 2020 में 21 अक्टूबर, 2022 में 28 सितंबर और पिछले वर्ष 2023 को इन दस वर्षों में सबसे पहले 13 सितंबर को अफीम नीति की घोषणा हो गई थी। 


यह है किसानों की प्रमुख मांगें-
अफीम किसानों की मुख्य मांग है कि 1995-96 से रुके हुए सभी लाइसेंस जारी किए जाए। सीपीएस पद्धति में डोडाचूरा का भाव 200 रूपए किलो हैं, इसे बढ़ाया जाए। वर्षों से चले आ रहे अफीम के भाव में बढ़ोत्तरी कर 5 हजार रुपए प्रतिकिलो किया जाए। किसानों ने यह मांग भी उठाई है कि लांचिंग पद्धति में डोडों में मॉर्फिन शून्य होती है। इसलिए 8 बटा 29 धारा हटाई जाए। 5 लाख नए लाइसेंस जारी किये जाए। अफीम किसानों को 10 आरी के बजाय 15 आरी के लाइसेंस दिए जाए।

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