मंदसौर। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में पकड़ी गई 21 क्विंटल से अधिक डोडाचूरा की खेप की जांच अब मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले तक पहुँच गई है। भीलवाड़ा के गंगापुर थाना पुलिस ने रविवार को पिपलियामंडी में मुख्य आरोपी रवि माली से जुड़े कई ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस टीम बिना नंबर की काले और सफेद रंग की स्कॉर्पियो वाहनों से पहुँची थी।

तीन गोदामों की चार घंटे तलाशी-
पुलिस ने पिपलियामंडी में तीन संदिग्ध गोदामों की करीब चार घंटे तक तलाशी ली। इस दौरान दस्तावेजों की जाँच, मोबाइल डेटा की स्कैनिंग और अन्य तकनीकी पहलुओं का विश्लेषण किया गया। तलाशी में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच के दायरे में नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के हाथी बोलिया निवासी एक डांगी का नाम भी सामने आया है।

24 नवंबर को नाकाबंदी में पकड़ा गया था ट्रक-
यह मामला 24 नवंबर 2025 को तब खुला जब आसींद पुलिस ने छभ्-158 पर सवाई भोज पेट्रोल पंप के पास नाकाबंदी की। भीलवाड़ा की ओर से आ रहे संदिग्ध ट्रक को रोककर पूछताछ की गई, लेकिन चालक और उसके दो साथी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

कपास के नीचे छिपाए थे 103 कट्टे डोडाचूरा-
तलाशी के दौरान ट्रक के ऊपर कपास के काकड़ा भरे पाए गए, जबकि नीचे कुल 103 कट्टों में डोडाचूरा छिपा मिला। बरामद मादक पदार्थ का वजन 21 क्विंटल 29.620 किलोग्राम निकला, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3 करोड़ 20 लाख रुपये बताई गई। यह माल मध्यप्रदेश से मारवाड़ क्षेत्र में भेजा जा रहा था।

घटना के तुरंत बाद बाड़मेर निवासी देवेंद्र दांडी, पारस और बशीर को मौके से गिरफ्तार किया गया था। अब तक मामले में कुल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस सप्लाई चेन के पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है।
