चित्तौड़गढ़। कोतवाली निम्बाहेड़ा थाना पुलिस ने ग्राम पंचायत केली के नाम पर फर्जी पट्टा तैयार कर विभिन्न बैंकों से लोन उठाने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका को लेकर विस्तृत अनुसंधान जारी है।
जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि 26 मई 2025 को ग्राम पंचायत केली के ग्राम विकास अधिकारी रामनारायण जाट ने थाना कोतवाली निम्बाहेड़ा में एक लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। रिपोर्ट में बताया गया कि ग्राम केली निवासी टीकमचंद पुत्र भेरूलाल कच्छावा के नाम से जारी पट्टा संख्या 08, दिनांक 30-12-2024 को एक ऋणदाता संस्था द्वारा सत्यापन हेतु पंचायत में प्रस्तुत किया गया, जबकि पंचायत रिकॉर्ड में उक्त पट्टे से संबंधित कोई प्रविष्टि मौजूद नहीं है। जांच में यह भी सामने आया कि पट्टे पर वर्तमान सरपंच एवं ग्राम विकास अधिकारी के हस्ताक्षर और उंगलियों के निशान फर्जी थे। इस आधार पर मामला दर्ज कर सहायक उप निरीक्षक विश्वजीत द्वारा अनुसंधान प्रारंभ किया गया।
फर्जी पट्टों के जरिए लोन उठाने वाले आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चित्तौड़गढ़ सरिता सिंह के मार्गदर्शन एवं डीएसपी निम्बाहेड़ा बद्रीलाल राव के सुपरविजन में दिए गए। इसके बाद थानाधिकारी कोतवाली निम्बाहेड़ा रामसुमेर मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।
14 दिसंबर को मुख्य आरोपी गिरफ्तार
पुलिस टीम ने 14 दिसंबर को प्रकरण के मुख्य आरोपी 42 वर्षीय टीकमचंद कच्छावा पुत्र भेरूलाल कच्छावा, निवासी केली को गिरफ्तार किया। गहन पूछताछ में सामने आया कि फर्जी पट्टा 23 वर्षीय रोहित धनगर पुत्र शोभाराम धनगर गायरी, निवासी ढाबा थाना जावद जिला नीमच (मध्यप्रदेश) एवं 33 वर्षीय पुष्कर धाकड़ पुत्र गोपाललाल धाकड़, निवासी चंगेडी थाना सदर निम्बाहेड़ा से बनवाया गया था।
इसके बाद पुलिस ने रोहित धनगर को गांव ढाबा (जावद) तथा पुष्कर धाकड़ को जावद रोड से डिटेन कर पूछताछ की। अनुसंधान में यह खुलासा हुआ कि पुष्कर धाकड़ लोगों के फर्जी पट्टे दिलीप कुमार नायक पुत्र शंभूलाल नायक, निवासी वार्ड नंबर 14, लोद जिला नीमच (मध्यप्रदेश) से बनवाकर उनकी रजिस्ट्री कराता था। वहीं रोहित धनगर चोलामंडल फाइनेंस बैंक से लोन पास करवाने का काम करता था और इसके एवज में कमीशन लेता था।
रिश्तेदार की मिलीभगत भी उजागर
अनुसंधान के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी टीकमचंद कच्छावा ने पुष्कर धाकड़ के माध्यम से ही दिलीप कुमार नायक से फर्जी पट्टा बनवाया था। साथ ही, गोपाललाल कच्छावा (42 वर्ष), निवासी केली, जो टीकमचंद का रिश्ते में जीजाजी है, ने अपनी सहमति से अपने मकान का फर्जी पट्टा टीकमचंद के नाम पर बनवाया, जिस पर रोहित धनगर के माध्यम से लोन उठाया गया।
पुलिस ने गोपाललाल कच्छावा को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से प्रकरण में विस्तृत अनुसंधान हेतु पुलिस अभिरक्षा रिमांड प्राप्त किया गया।
कई इलाकों में फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी रोहित धनगर, पुष्कर धाकड़ एवं दिलीप कुमार नायक ने कनेरा, गंगरार और निम्बाहेड़ा सर्कल में कई लोगों के फर्जी पट्टे बनाकर विभिन्न वित्तीय संस्थानोंकृजैसे आवास फाइनेंस बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, चोलामंडलम फाइनेंस बैंक सहित अन्य बैंकों से लोन उठाया है।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों टीकमचंद कच्छावा, रोहित धनगर, पुष्कर धाकड़ एवं गोपाललाल कच्छावा के खिलाफ गंभीर प्रकृति का अपराध पाए जाने पर मामले में विस्तृत अनुसंधान जारी है।