मंदसौर। लोकतंत्र के पर्व कहे जाने वाले पंचायत चुनाव की पुरानी रंजिश एक परिवार के लिए खून और मातम का कारण बन गई। सरपंच चुनाव की दुश्मनी ने गुरुवार रात मऊखेड़ी गांव में ऐसा हिंसक रूप ले लिया कि एक पिता की जान चली गई और उसका जवान बेटा जिंदगी-मौत से जूझ रहा है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण हालात बन गए।
दो लोगों के पास थी 12 बोर की बंदूक-
यह दर्दनाक घटना भावगढ़ थाना क्षेत्र के मऊखेड़ी गांव की है। पुलिस के अनुसार गुरुवार रात अजय राय सिंह (20) दूध देने के लिए गांव में निकला था। इसी दौरान गांव के ही चार लोगों ने उसे रास्ते में रोककर डराया-धमकाया। आरोप है कि इनमें से दो लोगों के पास 12 बोर की बंदूक भी थी। घटना की जानकारी मिलते ही अजय के पिता भानेंद्र सिंह (40) आरोपियों से बातचीत करने उनके खेत पर पहुंचे, लेकिन वहां विवाद और बढ़ गया।
बातचीत के दौरान अचानक चाकू से हमला
पुलिस के मुताबिक बातचीत के दौरान अचानक एक आरोपी ने भानेंद्र सिंह के पेट में चाकू घोंप दिया। इसके बाद अजय पर भी चाकू और लाठियों से हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल भानेंद्र सिंह को परिजन तत्काल अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। शव को जिला अस्पताल मंदसौर की मर्च्युरी में रखा गया है।
बेटे की हालत गंभीर-
हमले में अजय राय सिंह की पसली में चाकू लगा है, वहीं सिर में गंभीर चोट आने से चार टांके लगाए गए हैं। उसे जिला अस्पताल मंदसौर में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के दौरान भानेंद्र सिंह के छोटे भाई के साथ भी लाठियों से मारपीट किए जाने की जानकारी सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि चाकूबाजी के बाद आरोपियों ने 12 बोर की बंदूक से हवाई फायरिंग भी की।
सड़क पर शव रखकर चक्काजाम-
घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने भावगढ़ फंटा पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। उनकी मांग है कि आरोपियों के अवैध अतिक्रमण तत्काल हटाए जाएं और उनके बंदूक लाइसेंस निरस्त किए जाएं। चक्काजाम के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर पहुंचे प्रशासन और पुलिस के अधिकारी आक्रोशित परिजनों को समझाते नजर आए।
सरपंच चुनाव की पुरानी रंजिश बनी वजह-
पुलिस जांच में सामने आया है कि विवाद की जड़ ग्राम पंचायत सरपंच चुनाव की पुरानी रंजिश है। वर्ष 2022 में शैलेन्द्र सिंह ने सरपंच का चुनाव लड़ा था, जिसमें वह योगेंद्र सिंह से मात्र 17 वोटों से हार गया था। भानेंद्र सिंह ने चुनाव में योगेंद्र सिंह का समर्थन किया था, तभी से दोनों पक्षों में तनाव चला आ रहा था।
चार आरोपियों पर हत्या का केस-
एसडीओपी कीर्ति बघेल ने बताया कि मामले में चार आरोपियों शैलेन्द्र सिंह, देवेंद्र सिंह, महेंद्रपाल सिंह और मोर सिंह के खिलाफ हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं और तलाश जारी है।
चुनाव हारने के बाद से शैलेंद्र सिंह रखे हुए था रंजिश-
मृतक के चचेरे भाई विश्वराज सिंह ने बताया कि चुनाव हारने के बाद से शैलेन्द्र सिंह रंजिश रखे हुए था और इसी दुश्मनी के चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।