मनासा। बीते दिनों झालावाड़ जिले के भवानी मंडी थाना क्षेत्र में पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान 1 किलो 850 ग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम के साथ मनासा निवासी युनुस कुंजड़ा को गिरफ्तार किया गया था। इस कार्रवाई में एक लोडिंग टेम्पो भी जब्त किया गया था।

इसी मामले की जांच के सिलसिले में मंगलवार शाम भवानी मंडी पुलिस मनासा पहुंची और पिपलिया रावजी निवासी व्यापारी प्रफुल्ल पोरवाल को कथित तौर पर जबरन पकड़कर पुलिस वाहन में बैठा लिया। इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में व्यापारी, आमजन और जनप्रतिनिधि मनासा थाने पहुंच गए और पुलिस वाहन का घेराव कर हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते थाना परिसर में सैकड़ों लोग एकत्र हो गए।

व्यापारियों का आरोप था कि भवानी मंडी पुलिस एक निर्दोष व्यापारी को जबरन आरोपी बनाकर अपने साथ ले जा रही है। देर रात तक चले हंगामे और विरोध के बाद पुलिस ने व्यापारी को छोड़ दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रफुल्ल पोरवाल ने मंडी से दो व्यक्तियों को ढाई-तीन क्विंटल मक्का दिया था, जिसे भवानी मंडी ले जाने के लिए लोडिंग करवाई गई थी। रास्ते में लोडिंग वाहन चालक ने यह भाड़ा कमीशन के आधार पर किसी अन्य लोडिंग टेम्पो को दे दिया। इसी दौरान भवानी मंडी पुलिस ने लोडिंग टेम्पो चालक को पकड़ लिया, जबकि साथ बैठे दो व्यक्ति मौके से फरार हो गए।

इसी मामले की छानबीन करते हुए भवानी मंडी पुलिस मनासा पहुंची और खेत में दवा छिड़काव कर रहे व्यापारी प्रफुल्ल पोरवाल को पकड़कर मनासा थाने ले आई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में व्यापारी, जनप्रतिनिधि और क्षेत्रीय विधायक अनिरुद्ध माधव मारू भी थाने पहुंचे। पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद विधायक व जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से पुलिस ने व्यापारी को रिहा किया।

घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर व्यापारियों में रोष व्याप्त है।
