चित्तौड़गढ़। जिले के 9 पुलिस थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त किए गए अवैध डोडाचूरा एवं गांजा को न्यायालय से भौतिक सत्यापन एवं अनुमति प्राप्त होने के बाद सोमवार को नष्टीकरण की कार्रवाई की गई। जिला औषधि व्ययन समिति द्वारा निम्बाहेड़ा स्थित वंडर सीमेंट वर्क्स की कीलन में लगभग 50 क्विंटल से अधिक मादक पदार्थ जलाकर नष्ट किया गया।
पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि जिले के विभिन्न थानों के मालखानों में एनडीपीएस प्रकरणों से जुड़े जब्तशुदा मादक पदार्थों के कारण भंडारण की समस्या उत्पन्न हो रही थी। इसी को देखते हुए माल निस्तारण एवं थानों को सुव्यवस्थित रखने के उद्देश्य से संबंधित थानाधिकारियों से प्रस्ताव मंगवाकर रिकॉर्ड तैयार किया गया।
नष्टीकरण की प्रक्रिया के दौरान उदयपुर रेंज के महानिरीक्षक पुलिस गौरव श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह, उदयपुर के एएसपी हर्ष रतनू, पुलिस निरीक्षक जोधाराम सहित संबंधित 9 थानों के थाना प्रभारी, मालखाना प्रभारी एवं कार्यप्रणाली शाखा प्रभारी एएसआई मनोज कुमार सहित पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए संपूर्ण प्रक्रिया की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराई गई।
पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि थाना कोतवाली निम्बाहेड़ा, सदर निम्बाहेड़ा, चंदेरिया, मंगलवाड़, निकुंभ, कपासन, बिजयपुर, पारसोली एवं शंभूपुरा—इन 9 थानों में दर्ज कुल 30 प्रकरणों में से 28 प्रकरणों में 40 क्विंटल 12 किलो 690 ग्राम अवैध डोडाचूरा तथा 2 प्रकरणों में 10 क्विंटल 38 किलो 430 ग्राम गांजा जब्त किया गया था।
इनमें से एक प्रकरण में कपासन थाना क्षेत्र से जब्त 10 क्विंटल से अधिक गांजा का नष्टीकरण रेंज स्तरीय औषधि व्ययन समिति द्वारा आईजीपी की उपस्थिति में किया गया, जबकि शेष मादक पदार्थों का नष्टीकरण जिला औषधि व्ययन समिति चित्तौड़गढ़ द्वारा वंडर सीमेंट प्लांट की कीलन में किया गया।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।