चित्तौड़गढ़। भादसोड़ा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 टन 360 किलोग्राम अवैध खैर की गीली लकड़ी जब्त की है, जिसकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत 13 लाख 60 हजार रुपये बताई जा रही है। इस अवैध परिवहन में प्रयुक्त एक आयशर ट्रक को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह के मार्गदर्शन तथा डीवाईएसपी विनोद लागटा के निर्देशन में थानाधिकारी महेन्द्र सिंह के नेतृत्व में भादसोड़ा थाना पुलिस द्वारा लोकल एवं स्पेशल एक्ट की कार्रवाई के तहत नाकाबंदी की जा रही थी।
नाकाबंदी के दौरान तिरपाल से ढका एक संदिग्ध आयशर ट्रक आता दिखाई दिया, जिसमें चालक एवं खलासी सवार थे। पुलिस द्वारा रुकने का इशारा करने पर चालक ने ट्रक रोककर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे रोक लिया।
पूछताछ के दौरान चालक ने अपना नाम मुनफैद पिता सिरोजुद्दीन मेव (26 वर्ष), निवासी सीलखोह थाना तावडू, जिला नूंह (मेवात) तथा खलासी ने अपना नाम आसिफ पिता रशीद मेव (25 वर्ष), निवासी दल्लाबास थाना पुन्हाना, जिला नूंह (मेवात) बताया।
ट्रक से तिरपाल हटाकर जांच की गई तो उसमें खैर की लकड़ी के छिले हुए छोटे-बड़े गट्टे भरे पाए गए। जब आरोपियों से लकड़ी के परिवहन संबंधी वैध अनुज्ञापत्र मांगा गया तो वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ में उन्होंने लकड़ी को उदयपुर के पास जंगल क्षेत्र से अवैध रूप से काटकर लाना स्वीकार किया।
पुलिस ने मौके पर ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से वीडियोग्राफी कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। ट्रक में भरी खैर लकड़ी का वजन 12 टन 360 किलोग्राम पाया गया।
पुलिस ने लकड़ी सहित ट्रक को जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके विरुद्ध संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान जारी है।
पुलिस टीम-
थानाधिकारी महेन्द्र सिंह, एएसआई जीवन सिंह, कांस्टेबल अमिचंद, वीरेंद्र सिंह (विशेष योगदान), रतनलाल, तुलछाराम सहित पुलिस टीम का सराहनीय योगदान रहा।