चित्तौड़गढ़। न्यायालय विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस प्रकरण संख्या 2 के पीठासीन न्यायाधीश अचला आर्य, आरजेएस द्वारा अपने एक महत्वपूर्ण निर्णय में 4 किलो 200 ग्राम अवैध अफीम में दस वर्ष के कठोर कारावास एवं एक लाख के अर्थदण्ड से दण्डित किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक उमा शंकर दाधीच ने बताया कि प्रकरणानुसार 15.03.2016 को भवानी सिंह इंचार्ज सदर थाना निम्बाहेड़ा के द्वारा नाकाबंदी के दौरान एक मारूति गाड़ी नं. डीएल-06-सीडी 8352 को रूकवाने पर चालक उदयलाल उसके साथ आगे की सीट बैठे सुरेन्द्र प्रकाश हड़बड़ाहट से फाटक खोल भागने लगे तो पुलिस गेरा देकर इनके पकड़ा। इनके पास कुछ अवैध पदार्थ होने की संभावना से तलाशी ली तो पाया कि इनकी गाड़ी में चालक व उसके पास वाली सीट के बीच में रखे बेग को खोलने पर अन्दर दो पॉलीथिन की थैलियाँ पाई गई जिसमें काला लचिला पदार्थ भरा था। देखा, सुंघा और परखा तो जाप्ता व थानाधिकारी ने अनुभव के आधार पर अफीम होना पाया। अभियुक्त के पूछने पर भी उन्होंने अफीम होना बताया। अफीम परिवहन पर अभियुक्त के पास कोई लाइसेंस वगैरह नहीं पाया गया। मिली थैलियों का वजन किया तो एक थैली का वजन 2 किलो 200 ग्राम व दूसरी थैली का वजन 2 किलो रहा। इस प्रकार अवैध अफीम का कुल वजन 4 किलो 200 ग्राम रहा। अभियुक्तगण का उक्त कृत्य 8/18 का अपराध वर्जित पाये जाने से उन्हें 52 एनडीपीएस एक्ट का नोटिस देकर गिरफ्तार किया गया। तत्पश्चात् वाहन के संदर्भ में वाहन स्वामी शंकरलाल को भी 8/25 एनडीपीएस अधिनियम का आरोपी बनाया गया।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक उमा शंकर दाधीच ने पैरवी करते हुए कुल 18 गवाहों के बयान लेखबद्ध कराये व 40 प्रदर्श कराये गये व 5 आर्टिकल डाले गये, नमूना सेम्पल, कन्ट्रोल सेम्पल। प्रकरण के दौरान न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात् उदयलाल पिता डाडमचंद, सुरेन्द्र प्रकाश पिता खेमराज जाट को अपराध अंतर्गत धारा 8/18 का दोषी मानते हुए दोष सिद्ध किया गया तथा 10 वर्ष का कठोर कारावास व 1-1 लाख रुपये से दण्डित किया गया। इसी प्रकार अभियुक्त शंकरलाल पिता जयनारायण जाट को अपराध अंतर्गत धारा 8/25 का दोषी मानते हुए दोष सिद्ध किया गया तथा 10 वर्ष का कठोर कारावास व 1 लाख रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। यह फैसला न्यायालय द्वारा मंगलवार को खुले न्यायालय में सुनाया गया। सम्पूर्ण प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक उमा शंकर दाधीच ने पैरवी की।