उज्जैन। अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ उज्जैन को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने स्मैक की खरीद-फरोख्त करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 410 ग्राम स्मैक जब्त की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 41 लाख रुपये बताई जा रही है।
मामले में उप पुलिस अधीक्षक योगेंद्र सिंह यादव ने बताया की एसटीएफ को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र का रहने वाला जयदीप सिंह परिहार अपनी क्रेटा कार से स्मैक की खेप लेकर उज्जैन आ रहा है और जबलपुर के दो युवकों को आगर रोड पर नायरा पेट्रोल पंप के पास नशीला पदार्थ देने वाला है। सूचना के आधार पर एसटीएफ टीम ने 18-19 जनवरी की रात घेराबंदी कर लवखेड़ी हनुमान मंदिर से आगे नायरा पेट्रोल पंप के पास कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान अभिषेक सोनकर निवासी जबलपुर, जयदीप सिंह परिहार निवासी भोजाखेड़ी, आलोट जिला रतलाम और अजय प्रजापती निवासी जबलपुर को स्मैक की डील करते हुए पकड़ा गया। तलाशी में तीनों के पास से कुल 410 ग्राम स्मैक, 2 लाख रुपये नकद, 2 आईफोन, 2 वीवो एंड्रॉयड मोबाइल, एक की-पैड मोबाइल और एक क्रेटा कार जब्त की गई। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 61 लाख रुपये आंकी गई है।
मामले में आरोपियों के खिलाफ थाना एसटीएफ भोपाल इकाई उज्जैन में अपराध क्रमांक 2/26 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट एवं 111(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क को लेकर अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अभिषेक सोनकर का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही गंभीर रहा है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित कई मामलों में प्रकरण दर्ज हैं। वहीं जयदीप सिंह परिहार पर भी पूर्व में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज रह चुका है। प्रकरण की गहन जांच के लिए एसटीएफ इंदौर इकाई को भी सहयोग में लिया गया है। एसटीएफ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।