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January 31, 2026, 12:20 pm
BIG NEWS: चौपाल पर चर्चा, राजस्थान की सीबीएन टीम पर फिर आरोप!, रतनगढ़ में कार्रवाही, आरोपी को छोड़ा, 70 पेटी में तोड़-बट्टा!, किसने रचा अभिमन्यू चक्र, कौन कर रहा ईमानदार अफसरों को बदनाम करने का काम, जांच का विषय, पढ़िए खबर

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नीमच जिले के रतनगढ़ क्षेत्र से जुड़ा एक मामला इन दिनों चौपालों और स्थानीय चर्चाओं में सुर्खियों में है। मामला जांच एजेंसी की एक कार्रवाई से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसे लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चर्चाओं के चलते यह विषय अधिकारियों के संज्ञान में लाना जरूरी माना जा रहा है। सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, 19 जनवरी को रतनगढ़ घाट क्षेत्र में एक कार्रवाई हुई थी। चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि उसी दिन क्षेत्र के एक अन्य स्थान पर डोडाचूरा पकड़े जाने के मामले में नियमानुसार केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही दिन अलग-अलग स्थानों पर हुई कार्रवाइयों में प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जिन्हें लेकर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। कुछ चर्चाओं में यह भी सामने आया है कि संबंधित टीम राजस्थान से जुड़ी बताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। “हम किसी पर आरोप नहीं लगा रहे, लेकिन जब सवाल उठते हैं तो जांच जरूरी हो जाती है।” इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। फिलहाल मामला चौपालों और आम जनचर्चा तक सीमित है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि तथ्यों की निष्पक्ष जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। खबर का उद्देश्य किसी भी अधिकारी या विभाग को कटघरे में खड़ा करना नहीं, बल्कि सामने आई चर्चाओं को संज्ञान में लाना है, ताकि सच्चाई स्पष्ट हो सके और ईमानदार अधिकारियों की छवि पर कोई सवाल न उठे।

यें हो रही चर्चा-

वही सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नीमच जिले के रतनगढ़ घाट के ऊपर बीती 19 जनवरी को एक टीम ने अनिल पिता मथरालाल से खड़ा तोड़-बट्टा किया। करीब 70 पेटी रुपए में डील तय हुई। इसी दिन, इसी टीम ने आलोरी गरवाड़ा से आगे जावदा-लीमड़ी में 2 क्विंटल डोडाचूरा पकड़ा, इस मामले में तो केस बनाया गया और आरोपी भी गिरफ्तार हुआ, लेकिन रतनगढ़ घाट पर 19 जनवरी को 70 पेटी में खड़ा तोड़ कर लिया। वही ट्रैक्टर में माल पकड़ना बताया जा रहा है। वही ये कार्रवाही चित्तौड़गढ सीबीएन की बताई जा रही है। अभिमन्यू की तरह ये चक्र रचा गया।

 

इन आधार पर हो जांच तो आऐंगी हकिकत-
जांच किन आधारों पर हो — बिंदुवार (नोटिस-सेफ)

कार्रवाई की प्रक्रिया (SOP) का पालन हुआ या नहीं
– रतनगढ़ घाट की कार्रवाई में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया या नहीं।

एक ही दिन की अलग-अलग कार्रवाइयों में प्रक्रिया का अंतर
– 19 जनवरी को अलग-अलग स्थानों पर हुई कार्रवाइयों में कार्यवाही का तरीका अलग क्यों रहा।

बरामदगी के दस्तावेजी रिकॉर्ड
– मौके पर पंचनामा, जप्ती मेमो, वीडियोग्राफी/फोटोग्राफी की उपलब्धता।

माल व वाहन के संबंध में स्पष्टता
– कथित रूप से पकड़े गए ट्रैक्टर/माल को लेकर रिकॉर्ड में क्या दर्ज है।

मौके पर मौजूद स्टाफ की भूमिका
– कार्रवाई के समय कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी मौके पर उपस्थित थे।

सूचना का स्रोत और इनपुट
– कार्रवाई किस सूचना के आधार पर की गई और उस पर आगे क्या कार्रवाई हुई।

कार्रवाई के बाद की रिपोर्टिंग
– उच्च अधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट का विवरण व समय।

डायरी एंट्री व मूवमेंट रजिस्टर
– टीम की उस दिन की मूवमेंट और डायरी एंट्री का मिलान।

सीसीटीवी / टोल / लोकेशन डेटा
– संबंधित मार्गों पर उपलब्ध तकनीकी साक्ष्य (यदि उपलब्ध हों)।

स्थानीय प्रशासन/पुलिस से समन्वय
– कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस या प्रशासन को सूचना दी गई या नहीं।

गवाहों के बयान
– मौके पर मौजूद स्वतंत्र गवाहों के बयान दर्ज हुए या नहीं।

किसी प्रकार के दबाव या हस्तक्षेप की संभावना
– क्या कार्रवाई के दौरान किसी तरह का बाहरी दबाव या हस्तक्षेप सामने आया।

पिछले मामलों से तुलना
– पूर्व में समान मामलों में अपनाई गई प्रक्रिया से तुलना।

टीम की अधिकार-सीमा (Jurisdiction)
– कार्रवाई संबंधित क्षेत्राधिकार में की गई या नहीं।

निष्पक्षता और पारदर्शिता
– पूरी कार्रवाई पारदर्शी तरीके से हुई या नहीं।

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