नीमच। सीआरपीएफ परिसर में झाड़ियों के बीच मिले मानव कंकाल की पहचान लापता सीआरपीएफ जवान नंदकिशोर प्रजापत के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच के बाद अंगूठी, मोबाइल फोन और कपड़ों के आधार पर पहचान की पुष्टि की गई है। मामले में विस्तृत पोस्टमार्टम एवं फॉरेंसिक जांच के लिए शव को मंदसौर भेजा गया है।

जानकारी के अनुसार रविवार को सीआरपीएफ परिसर में सफाई कार्य के दौरान जवानों की नजर झाड़ियों में पड़े कंकाल पर पड़ी। इसकी सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। कंकाल को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल नीमच भिजवाया गया था।

जांच में कंकाल की पहचान नंदकिशोर पिता अमरचंद प्रजापत (उम्र 44 वर्ष) निवासी ग्राम भीम, जिला राजसमंद (राजस्थान) के रूप में हुई है। नंदकिशोर वर्तमान में सीआरपीएफ कैंप नीमच में पदस्थ थे और 27 दिसंबर 2025 से लापता थे। उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट कैंट थाना नीमच में दर्ज कराई गई थी।

सूत्रों के अनुसार मृत्यु के कारणों और परिस्थितियों की स्पष्ट जानकारी के लिए शव को विस्तृत पोस्टमार्टम एवं अन्य वैज्ञानिक परीक्षणों हेतु मंदसौर भेजा गया है। इस दौरान परिजन, जांच अधिकारी, चिकित्सकीय टीम और सीआरपीएफ के अधिकारी भी साथ रवाना हुए।

पोस्टमार्टम एवं फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस ने मामले की हर पहलू से जांच किए जाने की बात कही है।
