पिपलिया स्टेशन। मल्हारगढ़ तहसील के ग्राम टकरावद-खड़पालिया मार्ग पर रविवार देर रात नारकोटिक्स विंग की टीम पर मादक पदार्थ तस्करों द्वारा की गई फायरिंग की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। तस्करों ने घेराबंदी के दौरान दनादन गोलियां चलाईं। सौभाग्य से किसी अधिकारी या कर्मचारी को गोली नहीं लगी। कार्रवाई के दौरान टीम ने काले रंग की स्कॉर्पियो वाहन से 3 क्विंटल 99 किलो 770 ग्राम डोडाचूरा, एक 12 बोर की पोनी बंदूक और दो चले हुए कारतूस के खोखे बरामद किए हैं। घटना नारायणगढ़ थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां लंबे समय से थाना प्रभारी का पद रिक्त है। इसी को लेकर स्थानीय लोगों ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सूचना पर घेराबंदी, अचानक शुरू हुई फायरिंग
सूत्रों के अनुसार नारकोटिक्स विंग नीमच में पदस्थ निरीक्षक तेजेंद्रसिंह सेंगर व राजमल अपनी टीम के साथ डोडाचूरा की अवैध खेप पकड़ने निकले थे। ग्राम काचरिया कदमाला क्षेत्र में संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोकने का प्रयास किया गया। टीम कुछ समझ पाती उससे पहले वाहन में सवार तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज से आसपास के गांवों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ समय के लिए मुख्य मार्ग पर आवागमन भी बाधित हुआ। पुलिस टीम ने सतर्कता दिखाते हुए जवाबी रणनीति अपनाई, लेकिन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन छोड़कर फरार हो गए।
वाहन संदिग्ध, इंजन-चेसिस नंबर घिसे
जब्त स्कॉर्पियो के इंजन और चेसिस नंबर घिसे हुए पाए गए हैं। वाहन में दो अलग-अलग नंबर प्लेट भी मिली हैं, जिससे स्पष्ट है कि तस्कर पहचान छिपाने की तैयारी में थे। मौके से 3 क्विंटल 99 किलो 770 ग्राम डोडाचूरा बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। घटनास्थल के आसपास सर्चिंग में 12 बोर की पोनी बंदूक और दो खाली खोखे भी मिले हैं।
चार आरोपी नामजद, तलाश जारी
प्रारंभिक जांच में डोडाचूरा भरवाने वाले तूफानसिंह सौंधिया निवासी काचरिया कदमाला, जिला मंदसौर और उदलसिंह राणा निवासी बोरदिया कलां, जिला नीमच सहित चार आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। फरार आरोपियों के राजस्थान के जोधपुर क्षेत्र से जुड़े होने की भी चर्चा है। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
नारायणगढ़ पुलिस पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि नारायणगढ़ थाना क्षेत्र में लंबे समय से थाना प्रभारी का पद रिक्त है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में चोरी, अवैध तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। नियमित गश्त की कमी और प्रभावी निगरानी के अभाव में बाहरी एजेंसियोंकृजैसे नारकोटिक्स विंगकृको कार्रवाई के लिए आना पड़ रहा है।
कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यदि स्थानीय पुलिस सक्रिय रहती तो तस्करी का जाल इतना नहीं फैलता। उन्होंने थाना प्रभारी की शीघ्र नियुक्ति और रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
मल्हारगढ़ एसडीओपी कीर्ति बघेल ने पुष्टि की कि कार्रवाई नारकोटिक्स विंग द्वारा की गई है तथा आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया जारी है। एक बंदूक जब्त की गई है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। नारायणगढ़ थाना प्रभारी के पद रिक्त होने के विषय में उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। वहीं नारकोटिक्स विंग टीआई से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन विस्तृत आधिकारिक बयान देर रात तक प्राप्त नहीं हो सका।
क्षेत्र में दहशत, सख्ती की मांग
फायरिंग की घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर खुलेआम फायरिंग होना कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है। उन्होंने मांग की है कि क्षेत्र में स्थायी थाना प्रभारी की नियुक्ति, नियमित पेट्रोलिंग और तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है, जबकि पूरे मामले पर विस्तृत प्रेस नोट का इंतजार किया जा रहा है।