चित्तौड़गढ़। राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा क्षेत्र में जमीन हड़पने का बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। भैंसरोड़गढ़ थाने में निवाई निवासी श्याम वी (39) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उनकी 75 वर्षीय मां फातमा बाई की ग्राम वालिंचा, तहसील रावतभाटा में कुल 3.24 हेक्टेयर कृषि भूमि पर कब्जा है।
जांच में सामने आया कि 11 अगस्त 2025 को फर्जी महिला को पीड़िता का प्रतिनिधि बनाकर पंजीकृत विक्रय विलेख और नामांतरण करवा लिया गया। विलेख में गवाहों के हस्ताक्षर कराकर फर्जी पहचान बनाई गई। आरोपियों में सिंगोली के पटवारी बालकिशन, नगर परिषद पार्षद, फर्जी महिला और अन्य शामिल हैं।
नीमच जिला कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। जांच में दोष पाए जाने पर राजस्व और पुलिस अधिकारियों पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बिंदु-
- पीड़िता की मां की जमीन फर्जी दस्तावेज़ से नामांतरण।
- पटवारी, पार्षद और फर्जी महिला सहित 5 आरोपी शामिल।
- गवाहों की भूमिका भी संदिग्ध।
- जिला कलेक्टर ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए।
यह मामला प्रशासन और राजस्व प्रणाली में गंभीर लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार की चेतावनी देता है।