नीमच। जिले के मनासा क्षेत्र में पैतृक जमीन के विवाद ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया। जमीन के बंटवारे को लेकर पति ने ही अपनी पत्नी और बेटे पर पत्थरों और बांस के लट्ठों से हमला कर दिया। हमले में मां-बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका पिछले दो दिनों से जिला अस्पताल नीमच में उपचार चल रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मनासा निवासी पिंकी सुथार पति वर्दीचंद सुथार और उनका बेटा गौरव सुथार भाटखेड़ी स्थित बालागंज रोड के खेत पर गए थे। इसी दौरान पैतृक जमीन को लेकर चल रहे विवाद के चलते पिंकी के पति वर्दीचंद सुथार और जेठ रामदयाल सुथार से कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।

पीड़िता पिंकी सुथार का आरोप है कि बालागंज रोड स्थित जमीन पैतृक है, लेकिन उनके पति ने उस पर कब्जा कर जमीन को अपनी बहन भगवती और भतीजे हरीश के नाम कर दिया। जब पिंकी के बच्चों गौरव और कृतिका ने इस पर आपत्ति जताई तो विवाद और बढ़ गया।

आरोप है कि इसके बाद वर्दीचंद और रामदयाल ने आक्रोशित होकर पत्थरों और हरे बांस के लट्ठों से पिंकी और उनके बेटे गौरव पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में पिंकी सुथार के हाथ में फ्रैक्चर हो गया, जबकि गौरव के सिर में गंभीर चोट आने से सात टांके लगाने पड़े। दोनों के शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई हैं। घटना के बाद घायलों को पहले मनासा के शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल नीमच रेफर कर दिया गया। वर्तमान में दोनों का इलाज जारी है।

पीड़िता का आरोप है कि पिछले करीब छह माह से पैतृक जमीन को लेकर विवाद चल रहा है और इस दौरान कई बार उनके साथ मारपीट भी की गई। उन्होंने इस संबंध में मनासा थाने में शिकायत भी की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पिंकी सुथार ने पुलिस और प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा उनके बच्चों को पैतृक जमीन में हक दिलाने की मांग की है। इस संबंध में दूसरे पक्ष से भी संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।
