नीमच। बुधवार को शहर के टैगोर मार्ग पर दिल्ली निवासी राजीव की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। घटना कमल चौक के पास हुई। घटना के बाद प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों तथा पुलिस के दावों में बड़ा अंतर देखने को मिला। मृतक राजीव अपनी बहन अलका राव के साथ कार से सफर कर रहे थे।

स्थानीय दुकानदारों और लोगों का कहना है कि कार अचानक रुकी और भाई-बहन के बीच विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला ने राजीव को बीच सड़क पर बेरहमी से पीटा, उनके कपड़े उतार दिए और लात-घूंसों से हमला किया। लोग यह भी दावा कर रहे हैं कि जब राजीव की सांसें चल रही थीं, तब महिला ने उन्हें अस्पताल ले जाने से मना कर दिया और मदद के लिए आए लोगों को वहां से भगा दिया।

हालांकि कैंट थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी ने इन आरोपों को खारिज किया। पुलिस का कहना है कि राजीव लंबे समय से दिल की बीमारी से पीड़ित थे और काफी कमजोर थे। उन्होंने बताया कि उनकी बहन उन्हें पीट नहीं रही थी, बल्कि संभालकर कार में बैठाने और अस्पताल ले जाने की कोशिश कर रही थी। पुलिस ने मारपीट की किसी भी घटना से साफ इनकार किया।

राजीव के साथी विशाल त्रिपाठी ने बताया कि वह जीसूस काल संस्था में काम करते थे। शव को अंतिम संस्कार के लिए हरियाणा भेज दिया गया है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है, ताकि मौत की असली वजह और मारपीट के दावों की सच्चाई सामने आ सके।
