नीमच। भगवान श्रीकृष्ण एवं भगवान जगन्नाथ की भक्ति रसधारा में डूबने के लिए नीमच एक बार फिर तैयार है। अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावना अमृत संघ (इस्कॉन) के तत्वावधान में 24 जुलाई को शहर में तृतीय श्री जगन्नाथ महारथ यात्रा श्रद्धा, भक्ति और हरिनाम संकीर्तन के मध्य निकाली जाएगी। इससे पूर्व 21 से 23 जुलाई तक माहेश्वरी भवन में तीन दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य वृंदावन लीलाओं का रसास्वादन करेंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ 21 जुलाई को सायं 7 बजे भगवान जगन्नाथ के संकीर्तनमय स्वागत के साथ होगा। श्रीमद्भागवत कथा की आरती के उपरांत कथा प्रवाह प्रारंभ होगा। कथा का वाचन श्रीपाद वसुश्रेष्ठ प्रभुजी द्वारा किया जाएगा, जो भगवान श्रीकृष्ण की वृंदावन लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करेंगे। प्रतिदिन गीत गोविंद के मधुर गायन के साथ भगवान जगन्नाथ की विशेष शयन आरती भी संपन्न होगी।
24 जुलाई को दोपहर 2 बजे माहेश्वरी भवन से भगवान जगन्नाथजी की भव्य महारथ यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से निकाली जाएगी। वैष्णव परंपरा के अनुसार सुनहरे झाड़ू से मार्ग का प्रतीकात्मक शुद्धिकरण, आरती एवं हरिनाम संकीर्तन के साथ रथ यात्रा का शुभारंभ होगा।
इस वर्ष महारथ यात्रा का विशेष आकर्षण भगवान जगन्नाथ का बाल रथ होगा, जिसे छोटे-छोटे बच्चे स्वयं खींचेंगे। यात्रा के समापन पर भगवान को 1008 प्रकार के भोग अर्पित किए जाएंगे। इसके पश्चात सायं 7 बजे से विशाल महाप्रसाद भंडारे का आयोजन होगा।
आयोजकों ने समस्त श्रद्धालुओं से श्रीमद्भागवत कथा एवं भगवान जगन्नाथ महारथ यात्रा में परिवार सहित शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।