नीमच। गांव उमाहेडा के निवासी और कृषि मजदूर टिकमसिंह पिता लक्ष्मणसिंह ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर विपक्षीगणों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। टिकमसिंह का दावा है कि जब वह किराए पर ट्रैक्टर चलाने बगदीराम की जमीन पर गया, तो मदनलाल, श्यामलाल, नरेंद्र, विजय और सुरेंद्र मेघवाल समेत कुछ महिलाओं ने उसे रोका और धमकी दी कि यदि वह वापस नहीं गया तो झूठे एससी/एसटी और बलात्कार के मुकदमों में फंसाया जाएगा।
ज्ञापन में बताया गया कि उसी शाम करीब 6 बजे आरोपियों ने उसके घर में घुसकर पत्थरबाजी, लात-घूंसों और डंडों से मारपीट की, जिससे वह घायल हो गया। टिकमसिंह ने आरोप लगाया कि उनके परिवार के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया गया और इसमें कुछ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत थी।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जाए, झूठे प्रकरण को शून्य किया जाए और साठ-गांठ करने वाले पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान राजपूत समाजजन और करणी सेना के पदाधिकारी व सदस्य भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों पर जल्द कार्यवाही नहीं हुई और झूठे प्रकरण निरस्त नहीं किए गए, तो वे सड़क जाम करेंगे।