रतलाम | थाना सरवन क्षेत्र अंतर्गत खेत में मिली बालिका की हत्या के गंभीर प्रकरण का रतलाम पुलिस द्वारा त्वरित एवं वैज्ञानिक जांच के आधार पर सफल खुलासा किया गया है। प्रकरण में शामिल 04 विधि-विरुद्ध बालकों को चिन्हित कर कार्रवाई की गई है।
घटना का संक्षिप्त विवरण
दिनांक 18.03.2026 को थाना सरवन अंतर्गत एक गांव में विवाह कार्यक्रम आयोजित था। कार्यक्रम के दौरान रात्रि में बालिका अपनी सहेली के साथ बाहर गई, परंतु वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा खोजबीन के दौरान खेत में इमली के पेड़ के नीचे बालिका मृत अवस्था में मिली, जिसके गले में दुपट्टा बंधा हुआ था।
घटना की सूचना पर थाना सरवन में अपराध क्रमांक 100/2026 धारा 137(2), 103(1), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
पुलिस कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री अमित कुमार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार लाल एवं एसडीओपी सैलाना श्रीमती नीलम बघेल के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई।
गठित टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्य, घटनास्थल निरीक्षण एवं संदेहियों से पूछताछ के आधार पर पड़ोसी गांव के 04 विधि-विरुद्ध बालकों को चिन्हित किया गया। पूछताछ में आरोपियों द्वारा सामूहिक रूप से घटना करना स्वीकार किया गया।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों द्वारा बालिका को बहाने से खेत की ओर ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती की गई तथा विरोध करने पर उसका मुंह दबाकर हत्या कर दी गई। घटना की पुष्टि हेतु घटनास्थल से आवश्यक भौतिक साक्ष्य भी एकत्र किए गए।
प्रकरण में धारा 64, 70(1), 87 एवं 61(2) बीएनएस का इजाफा किया गया है तथा अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।
चिन्हित आरोपी—
▪️ विधि-विरुद्ध बालक 1
▪️ विधि-विरुद्ध बालक 2
▪️ विधि-विरुद्ध बालक 3
▪️ विधि-विरुद्ध बालक 4
(नाबालिग होने के कारण पहचान गोपनीय रखी गई है)
जप्त सामग्री
घटनास्थल एवं आसपास से मृतिका एवं आरोपियों से संबंधित आवश्यक भौतिक साक्ष्य संकलित किए गए हैं।
सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रावटी निरीक्षक सुरेन्द्रसिंह गडरिया, थाना प्रभारी सैलाना निरीक्षक पिंकी आकाश, निरीक्षक अमित कोरी (प्रभारी सायबर सेल), उप निरीक्षक जीएल भूरिया, उप निरीक्षक किशनलाल रजक, उप निरीक्षक आनंद बागवान (चौकी धामनोद), उप निरीक्षक जीवन बारिया (सायबर सेल), प्रधान आरक्षक विजय सिंह शेखावत, प्रधान आरक्षक देवराज सिंह, प्रधान आरक्षक सूर्यपाल, प्रधान आरक्षक कृपाशंकर, प्रधान आरक्षक रमाकांत, प्रधान आरक्षक संदीप भदौरिया, प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा (सायबर सेल), आरक्षक हिम्मत सिंह (सायबर सेल), आरक्षक हिम्मत सिंह राठौर, आरक्षक विमल, आरक्षक तुफान भूरिया एवं महिला आरक्षक तुलसी राठौर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।