चित्तौड़गढ़। राष्ट्रीय संगठन ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) एवं प्रदेश केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को चित्तौड़गढ़ जिले में दवा व्यापार पूरी तरह बंद रहा। जिला केमिस्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में जिलेभर के दवा व्यापारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
सुबह दवा व्यवसायी कलेक्ट्रेट चौराहा पर एकत्रित हुए, जहां जिला केमिस्ट एसोसिएशन अध्यक्ष रमेश मेहता एवं सचिव सुशील अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदर्शन कर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने सहित विभिन्न मांगों पर कार्रवाई की मांग की गई।
ऑनलाइन दवा बिक्री और कॉरपोरेट नीति का विरोध-
एसोसिएशन के प्रवक्ता कन्हैयालाल गर्ग ने बताया कि केंद्र और राज्य स्तर पर कई बार मांग उठाने के बावजूद दवा व्यापार एवं जनस्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मुद्दों का समाधान नहीं किया गया है। इससे देशभर के करीब 12.40 लाख केमिस्ट्स और उन पर आश्रित 4 से 5 करोड़ लोगों की आजीविका संकट में पड़ गई है।
उन्होंने कहा कि अवैध ई-फार्मेसी कंपनियों की अनियंत्रित वृद्धि, बिना पर्याप्त निगरानी ऑनलाइन दवा बिक्री और बड़े कॉरपोरेट्स द्वारा अत्यधिक छूट एवं प्रिडेटरी प्राइसिंग नीति छोटे दवा व्यापारियों के अस्तित्व के लिए गंभीर चुनौती बन गई है।
जनस्वास्थ्य से हो रहा खिलवाड़-
दवा व्यापारियों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन माध्यम से बिना उचित चिकित्सकीय परामर्श दवाओं की आपूर्ति की जा रही है, जिससे जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। साथ ही ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स नियमों के तहत आवश्यक सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी किए जाने पर भी नाराजगी जताई गई। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को छोटे और लाइसेंसधारी केमिस्टों के हितों की रक्षा करते हुए अवैध ऑनलाइन दवा कारोबार पर तत्काल प्रभाव से सख्त नियंत्रण करना चाहिए।
बड़ी संख्या में दवा व्यवसायी रहे मौजूद-
प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओम भंडारी, उपाध्यक्ष अरविंद सोमानी, सहसचिव अनुराग द्विवेदी, कोषाध्यक्ष अरुण लड्ढा, विष्णु आमेरिया, पवन पाटनी, अनुपम जैन, गोपाल शर्मा, अरुण खाब्या, सुनील सिंघवी, राजेश खत्री, राघव कनेरिया, दिनेश शर्मा, मुकेश सरावगी, राहुल तोतला, बालमुकुंद मालू, नरेंद्र भंडारी, शैलेश पाटनी, जिनेंद्र खेरोदिया सहित सैकड़ों दवा व्यवसायी उपस्थित रहे।