चित्तौड़गढ़। जिला विशेष टीम (डीएसटी) चित्तौड़गढ़ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जोधपुर जिले के बालेसर थाने के एनडीपीएस एक्ट के मामले में करीब एक साल से फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी नारायण लाल तेली को फतहनगर, उदयपुर से डिटेन किया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार मोबाइल और सिम कार्ड बदल रहा था तथा उदयपुर क्षेत्र में बेकरी डिलीवरी का काम कर फरारी काट रहा था।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस निरीक्षक जोधाराम के निर्देशन में एएसआई सूरज कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। मुखबिर से सूचना मिली कि बालेसर थाने के एनडीपीएस मामले में 10 हजार रुपए का इनामी आरोपी नारायण लाल पिता झंमकू लाल तेली, निवासी सावा, जिला चित्तौड़गढ़ उदयपुर में रहकर आसपास के क्षेत्रों में बेकरी डिलीवरी का काम कर रहा है। वह मोबाइल और सिम कार्ड लगातार बदलता रहता है तथा बुधवार को फतहनगर क्षेत्र में बेकरी की डिलीवरी के लिए आने वाला है।
सूचना विश्वसनीय होने पर डीएसटी टीम फतहनगर पहुंची और उदयपुर की ओर से आने-जाने वाले लोगों पर निगरानी शुरू की। कुछ समय बाद मोटरसाइकिल पर डिलीवरी बैग लेकर मुखबिर के बताए हुलिए का एक व्यक्ति आता दिखाई दिया। संदिग्ध लगने पर पुलिस टीम ने उसे रुकवाकर पूछताछ की। उसने अपना नाम नारायण लाल पिता झंमकू लाल तेली, निवासी सावा, जिला चित्तौड़गढ़ बताया। रिकॉर्ड की जांच में उसके बालेसर थाने के एनडीपीएस प्रकरण में 10 हजार रुपए का इनामी वांछित आरोपी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने उसे नियमानुसार डिटेन कर बालेसर थाना पुलिस को सूचना दी।
260 किलो डोडाचूरा और हथियार के मामले में था वांछित-
बालेसर थाना पुलिस करीब एक साल से आरोपी नारायण लाल की तलाश कर रही थी। वह 260 किलो डोडाचूरा, एक पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस बरामदगी से जुड़े मामले में वांछित बताया गया है।
सोशल मीडिया गतिविधियों से आरोपी तक पहुंची पुलिस-
पुलिस के अनुसार आरोपी बार-बार मोबाइल फोन और सिम कार्ड बदलकर पुलिस को चकमा देने का प्रयास कर रहा था। डीएसटी की साइबर टीम ने उसकी इंस्टाग्राम और फेसबुक आईडी से जुड़ी लोकेशन एवं तकनीकी जानकारी के आधार पर उसकी गतिविधियों को ट्रेस किया। इसके बाद मुखबिर सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर फतहनगर से आरोपी को डिटेन किया गया।
डीएसटी टीम-
कार्रवाई में एएसआई सूरज कुमार, साइबर सेल के राजकुमार, कांस्टेबल जगदीश, रामकेश, देवेंद्र, सुरेश सुंडा, अरविंद, अशोक, कृष्णकांत, वीरेंद्र एवं शोभालाल शामिल रहे।