चित्तौड़गढ़। सदर निम्बाहेड़ा थाना पुलिस ने खुद को मृत बताने की कथित साजिश का पर्दाफाश करते हुए राजमल डांगी को अमराणा गांव से दस्तयाब किया है। पुलिस के अनुसार राजमल ने कर्ज और पैसे मांगने वालों से बचने के लिए अपनी मोटरसाइकिल कुएं में डाल दी और खुद के कुएं में डूबने की झूठी कहानी रची।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि 1 सितंबर को सदर निम्बाहेड़ा थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि पिपलिया गदिया गांव में एक खेत के कुएं में मोटरसाइकिल तैर रही है और राजमल डांगी के कुएं में डूबने की आशंका है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कुएं की मेड़ पर एक पर्स, तंबाकू की पुड़िया और राजमल की चप्पलें मिलीं, जबकि कुएं में मोटरसाइकिल दिखाई दे रही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए चित्तौड़गढ़ से सिविल डिफेंस टीम को बुलाया गया। जनरेटर, पानी की मोटरों एवं पंप की मदद से कुएं का करीब 80 फीट पानी खाली कराया गया। इसके बाद कुएं से मोटरसाइकिल बाहर निकाली गई, लेकिन राजमल का कोई पता नहीं चला। आसपास तलाश करने के बाद भी उसके नहीं मिलने पर उसके पिता हेमराज डांगी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की गई।
अमराणा में दिखाई देने की मिली सूचना-
पुलिस के अनुसार, 2 सितंबर को विश्वसनीय सूत्र से सूचना मिली कि राजमल को सुबह के समय शंभूपुरा थाना क्षेत्र के अमराणा गांव में देखा गया है। इस पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर राजमल पिता हेमराज डांगी, उम्र 30 वर्ष, निवासी पिपलिया गदिया, थाना सदर निम्बाहेड़ा को दस्तयाब कर थाने लाया।
पूछताछ में राजमल ने पुलिस को बताया कि उसकी मोटरसाइकिल की चार किस्तें बकाया थीं और कई लोग उससे पैसे मांग रहे थे। पुलिस के अनुसार, इन परिस्थितियों से बचने तथा परिवार, गांव एवं आसपास के लोगों को गुमराह करने के लिए उसने खुद को मृत बताने की साजिश रची थी।
पुलिस का कहना है कि इस झूठी कहानी के कारण प्रशासन, पुलिस, ग्रामीण और परिवार के लोग परेशान रहे। राजमल को उसके कृत्य के संबंध में गिरफ्तार कर कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। मामले में अग्रिम अनुसंधान जारी है।