चित्तौड़गढ़। घर से स्कूल के लिए निकली नाबालिग बालिका के वापस नहीं लौटने के मामले में डीएसटी, साइबर सेल एवं कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे करीब 10 घंटे के भीतर भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन के सामने से दस्तयाब कर लिया। पुलिस ने बालिका को सुरक्षित बरामद कर मामले में अग्रिम अनुसंधान शुरू कर दिया है।
जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि नाबालिग बालिका सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन शाम करीब 4 से 5 बजे तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के क्षेत्रों में तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताते हुए कोतवाली चित्तौड़गढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से मिली सफलता-
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा एवं वृत्ताधिकारी चित्तौड़गढ़ बृजेश सिंह के निकटतम सुपरविजन तथा कोतवाली थाना प्रभारी रजनीश कुमार के निर्देशन में डीएसटी, साइबर सेल एवं कोतवाली पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गईं।
पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ तकनीकी साक्ष्य एवं ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर बालिका के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। इसके आधार पर विभिन्न स्थानों पर दबिश दी गई। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने करीब 10 घंटे के भीतर भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन के सामने से नाबालिग बालिका को दस्तयाब कर लिया। मामले में अग्रिम अनुसंधान जारी है।
पुलिस टीम-
जिला विशेष टीम एवं साइबर सेलरू एएसआई सूरज कुमार, राज कुमार, कांस्टेबल रामावतार, जगदीश, सुरेश सुंडा, अरविंद, अशोक, कृष्णकांत एवं वीरेंद्र।
थाना कोतवाली चित्तौड़गढ़- थाना प्रभारी रजनीश कुमार, एएसआई लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल चंद्रकरण सिंह, पहलाद एवं महिला कांस्टेबल गरिमा। थाना सदर चित्तौड़गढ़रू कांस्टेबल गजेंद्र सिंह एवं बलवंत सिंह।