मंदसौर। पानी मांगने या घर में कोई सामान रिपेयर करने के बहाने प्रवेश करना, परिवार की दिनचर्या और घर की सुरक्षा व्यवस्था को देखना और मौका मिलते ही चोरी को अंजाम देना... पुलिस के मुताबिक, बागरिया गैंग का यही तरीका था। मंदसौर पुलिस ने गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 20 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, गैंग मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र सहित 5 राज्यों में चोरी की वारदातें करता था। पूछताछ में आरोपियों ने अलग-अलग स्थानों पर 18 चोरी की घटनाओं के बारे में जानकारी दी है। पुलिस अब इन वारदातों से जुड़े अन्य आरोपियों और चोरी के बाकी माल की तलाश में जुटी है।
हाउसिंग कॉलोनी की चोरी से खुला गैंग का राज-
एसपी विनोद कुमार मीना ने पुलिस कंट्रोल रूम में मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 17 जुलाई को मंदसौर के कोतवाली थाना क्षेत्र की हाउसिंग कॉलोनी में चोरी की वारदात हुई थी। बदमाश मकान का ताला तोड़कर अंदर घुसे और दो अलमारियों से करीब 20 हजार रुपए नकद तथा सोने-चांदी के पुराने जेवर चोरी कर ले गए थे।
घटना से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने वीडियो फुटेज, तकनीकी जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पानी मांगकर घर में घुसते, फिर करते थे रेकी-
पुलिस के मुताबिक, गैंग के सदस्य पहले किसी इलाके में रेकी करते थे। इसके बाद घरों में प्रवेश करने के लिए अलग-अलग बहाने बनाए जाते थे। कभी पानी मांगने तो कभी कोई सामान रिपेयर करने के बहाने घर में पहुंचते थे।
घर के अंदर पहुंचने के बाद वे परिवार के सदस्यों की दिनचर्या, घर में रखे सामान और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद मौका देखकर ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देते और फरार हो जाते थे।
इंदौर से गुरुग्राम तक वारदातों का खुलासा-
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने 18 चोरी की वारदातों के बारे में जानकारी दी है। इनमें इंदौर, रतलाम, आगरा, राजसमंद, नाथद्वारा, उदयपुर, मालेगांव, धुलिया, दिल्ली और गुरुग्राम सहित अन्य स्थान शामिल बताए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर इन वारदातों की पुष्टि करने के साथ ही चोरी के माल और गैंग के अन्य सदस्यों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
जेवर के साथ चोरी के औजार भी बरामद-
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से करीब 20 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर बरामद किए हैं। इसके अलावा चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले दो टॉमी, एक इलेक्ट्रॉनिक कटर, दो ग्लव्स और एक प्लास्टिक प्लास भी जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, इन उपकरणों का इस्तेमाल ताले और अन्य सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ने में किया जाता था।
दो गिरफ्तार, चार की तलाश-
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवराम उर्फ हनुमान पिता लादूराम बागरिया, निवासी देवरिया कलां, अजमेर तथा कालूराम पिता रतनलाल बागरिया, निवासी चंपानेरी, अजमेर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मामले में सांवरा पिता रमेश बागरिया, सूरज पिता रमेश बागरिया, मदनबौदिया उर्फ सांवरा, निवासी अजमेर जिले के अलग-अलग गांव, तथा उमराव निवासी कोटिया, भीलवाड़ा और वर्तमान में विजयनगर, ब्यावर निवासी आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
चार आरोपियों पर 27 केस दर्ज-
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गैंग से जुड़े चार आरोपियों के खिलाफ राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में कुल 27 प्रकरण दर्ज बताए गए हैं। इनमें गिरफ्तार आरोपी शिवराम उर्फ हनुमान के खिलाफ 16 मामले दर्ज हैं। इनमें इंदौर, दिल्ली, उदयपुर, भिनाय, गुलाबपुरा और केकड़ी सहित कई स्थानों के मामले शामिल बताए गए हैं। वहीं उमराव के खिलाफ पांच तथा सांवरा और सूरज के खिलाफ तीन-तीन मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी-
एसपी विनोद कुमार मीना के अनुसार, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। उनसे पूछताछ के बाद चोरी की अन्य वारदातों, गैंग के नेटवर्क और चोरी के बाकी माल के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।