चित्तौड़गढ़। निकुंभ थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहली कार्रवाई में पुलिस ने कथित चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चोरी की करीब 7 वारदातों का खुलासा किया। वहीं दूसरी कार्रवाई में फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट बनकर श्रद्धालुओं को रोकने, परेशान करने और अवैध वसूली का प्रयास करने के आरोप में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों मामलों में चोरी का माल तथा वारदात में प्रयुक्त वाहन बरामद किए हैं।
चोर गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार-
निकुंभ थाना क्षेत्र में हाल के दिनों में हुई चोरी की वारदातों के खुलासे के लिए थानाधिकारी प्रभुसिंह चुण्डावत के नेतृत्व में एएसआई सुरेन्द्र सिंह सहित पुलिसकर्मियों की टीम गठित की गई। टीम ने पालाखेड़ी एवं आसपास के गांवों में संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए सूचनाएं जुटाईं।
पुलिस के अनुसार, संदिग्ध गतिविधियां सामने आने पर नानालाल पुत्र ताराचंद गायरी, देवीलाल पुत्र हजारीलाल रेगर और पोखर पुत्र पृथ्वीराज मेघवाल, निवासी गरदाना थाना निकुंभ, को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में तीनों के कथित रूप से संगठित चोर गिरोह से जुड़े होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने नानालाल गायरी को गिरोह का सरगना बताया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने निकुंभ थाना क्षेत्र के गरदाना, निकुंभ कस्बा, निकुंभ चौराहा और पालाखेड़ी क्षेत्र में चोरी की करीब 7 वारदातों का खुलासा किया है।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह का सरगना चोरी किया गया अनाज निकुंभ और आवरी माता क्षेत्र के थोक व्यापारियों को बेचता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गेहूं, सरसों और चने के कट्टे तथा वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस ने बताया कि 3 जुलाई 2026 को पालाखेड़ी निवासी महेन्द्र सिंह के घर से रात में अनाज चोरी के मामले में दर्ज प्रकरण के तहत आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य वारदातों के संबंध में मौका तस्दीक और पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। मामले में आगे की जांच जारी है।
रिकवरी एजेंट बनकर श्रद्धालुओं को रोकने का आरोप, चार गिरफ्तार
दूसरी कार्रवाई में निकुंभ थाना पुलिस को 8 सितंबर 2026 को सूचना मिली कि निकुंभ चौराहे के पास कुछ लोग बिना नंबर की काली फिल्म लगी कार में सवार होकर रामदेवरा और आवरी माता की ओर जाने वाले बाहरी श्रद्धालुओं की मोटरसाइकिलें रुकवा रहे हैं। सूचना में बताया गया कि ये लोग स्वयं को फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट बताकर यात्रियों को परेशान कर अवैध वसूली का प्रयास कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही थानाधिकारी प्रभुसिंह चुण्डावत पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। निकुंभ चौराहे से आवरी माता रोड पर पुलिस को बिना नंबर की काली फिल्म लगी क्विड कार के साथ चार व्यक्ति मिले। उनकी पहचान राजेन्द्र पुत्र उदयलाल सालवी निवासी आवरी माता, कन्हैयालाल पुत्र श्यामलाल रेगर निवासी रानीखेड़ा, लोकेश पुत्र हजारीलाल मेघवाल निवासी रानीखेड़ा और विनोद पुत्र हरिकिशन सुथार निवासी आवरी माता के रूप में हुई।
मौके पर कुछ बाहरी श्रद्धालुओं की मोटरसाइकिलें भी रोकी गई थीं। पुलिस पूछताछ में चारों ने स्वयं को श्री सांवरिया एसोसिएट फाइनेंस कंपनी का रिकवरी एजेंट बताया, लेकिन पुलिस के अनुसार वे इस संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उनके पास कंपनी की ओर से अधिकृत किए जाने संबंधी पहचान-पत्र भी नहीं मिला।
मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने पुलिस को बताया कि आरोपियों द्वारा उन्हें जबरन रोककर दस्तावेजों की जांच की जा रही थी और परेशान किया जा रहा था।
पुलिस ने चारों को यात्रियों को अनुचित तरीके से रोकने-परेशान करने और कथित रूप से अवैध वसूली का प्रयास करने के मामले में हिरासत में लिया। मौके से बिना नंबर की काली फिल्म लगी क्विड कार भी जब्त की गई है। प्रकरण में आवश्यक अनुसंधान एवं आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।