चित्तौड़गढ़। गुजरात के सोमनाथ में 27 से 31 जनवरी तक होने जा रही 69वीं जूनियर बालक/बालिका राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिता (अंडर-19) में चित्तौड़गढ़ जिले के पुरोहितों का सांवता गांव के पांच छात्र-खिलाड़ी राजस्थान राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। ग्रामीण क्षेत्र से एक साथ इतने खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन होना जिले के खेल इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
राउमावि, पुरोहितों का सांवता के शारीरिक शिक्षक जवान सिंह चुंडावत ने बताया कि राजस्थान टीम में चयनित खिलाड़ियों में दीपक अहीर, गोपाल अहीर (गोलकीपर), कमलेश सुथार, अंकित अहीर और कमलेश अहीर शामिल हैं। उनका चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया।
जवान सिंह ने बताया कि सितंबर माह में पुरोहितों का सांवता में आयोजित राज्य स्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता (अंडर-17 एवं अंडर-19) में चित्तौड़गढ़ की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। इसी प्रदर्शन के चलते अब जिले के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अवसर मिला।
सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय पहचान-
जवान सिंह चुंडावत ने आगे बताया कि वर्ष 2025-26 में इस छोटे से गांव से अब तक कुल 12 छात्र-खिलाड़ियों का चयन विभिन्न आयु वर्ग की राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिताओं के लिए हो चुका है। 14 वर्ष आयु वर्ग में आरव अहीर और कृतिका सेन ने हाल ही में चित्तौड़गढ़ में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राजस्थान की ओर से खेलते हुए स्वर्ण पदक जीता। वहीं, 17 वर्ष आयु वर्ग में कर्नाटक में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ओमप्रकाश अहीर और नितेश अहीर (गोलकीपर) ने रजत पदक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया।
जवान सिंह ने कहा कि कम संसाधनों के बावजूद निरंतर अभ्यास, विद्यालय स्तर पर खेल अनुकूल माहौल और समर्पित प्रशिक्षण के चलते पुरोहितों का सांवता गांव अब जिले ही नहीं, बल्कि राज्य स्तर पर भी हैंडबॉल प्रतिभाओं के उभरते केंद्र के रूप में पहचान बना चुका है।