भाटखेड़ा। श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन भाट खेड़ा स्थित गौशाला परिसर में कथा वाचक पंडित श्री परशुराम शर्मा द्वारा श्रद्धालुओं को धर्म और वैराग्य का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। कथा के माध्यम से उन्होंने कहा कि मनुष्य को मोह-माया का त्याग कर धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए, यही जीवन का वास्तविक उद्देश्य है।
आज की कथा में राजा परीक्षित का प्रसंग सुनाया गया, जिसमें बताया गया कि उन्हें शुकदेव मुनि के पुत्र द्वारा श्राप दिया गया था कि सात दिनों के भीतर उनकी मृत्यु हो जाएगी। इस प्रसंग के माध्यम से कथा वाचक ने जीवन की नश्वरता और भगवान स्मरण के महत्व को विस्तार से समझाया।
द्वितीय दिवस पर द्वितीय स्कंध का समापन किया गया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव में लीन होकर कथा श्रवण करते नजर आए। यह श्रीमद् भागवत कथा आयोजन नीमच निवासी अग्रवाल परिवार के द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा का क्रम आगामी दिनों में भी जारी रहेगा।