चित्तौड़गढ़। जिले में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। इसे लेकर जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में स्वास्थ्य भवन में चिकित्सा अधिकारियों का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण आयोजित कर अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को टीकाकरण की प्रक्रिया, लक्ष्य समूह की पहचान, सुरक्षा मानकों की पालना तथा संभावित प्रतिकूल घटनाओं के प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ताराचंद गुप्ता ने बताया कि यह टीका भारत में विशेष रूप से सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए लगाया जा रहा है। कम उम्र में टीकाकरण अधिक प्रभावी होता है, क्योंकि संक्रमण से पूर्व लगाया गया टीका बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि यह टीका 14 वर्ष पूर्ण कर 15वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी किशोरियों को लगाया जाएगा। प्रथम चरण में टीकाकरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं उच्चतर चिकित्सा संस्थानों में किया जाएगा।
सीएमएचओ ने सभी बीसीएमओ एवं चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में किशोरियों की पहचान कर समयबद्ध एवं सुरक्षित टीकाकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की प्रभावी रोकथाम संभव है।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रियंका वर्मा ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन एक सुरक्षात्मक टीका है। एचपीवी संक्रमण आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
वैक्सीन कोल्ड चेन मैनेजर राजेश कुमार जोशी ने वैक्सीन के रख-रखाव की जानकारी देते हुए बताया कि टीकाकरण के दौरान लाभार्थियों का यू-विन पोर्टल पर पंजीकरण किया जाएगा तथा टीकाकरण उपरांत लाभार्थियों को डिजिटल टीकाकरण प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. पुनीत कुमार तिवारी, सभी पीएमओ, बीसीएमओ, सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, डीपीएम एनएचएम विनायक मेहता, जिला आशा समन्वयक देवीलाल भील, डाटा मैनेजर (आईडीएसपी) खुशवंत हिण्डोनिया एवं नेहा शर्मा, डीईओ सहित सभी खंड कार्यक्रम प्रबंधक उपस्थित रहे।