मंदसौर। मंदसौर समेत पूरे अंचल में इन दिनों भीषण शीतलहर का प्रकोप जारी है। लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बुधवार रात मंदसौर में पारा 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि गुरुवार सुबह यह 11 डिग्री तक गिर गया। सुबह तक धूप नहीं निकली और पूरा शहर ओस की चादर में लिपटा रहा।
भीषण ठंड और घने कोहरे के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में विजिबिलिटी घटकर लगभग 50 मीटर रह गई। लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने का प्रयास कर रहे हैं। रेल यातायात भी प्रभावित हुआ; भगत की कोठी एक्सप्रेस लगभग 35 मिनट लेट पहुंची, जबकि इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस करीब 45 मिनट देरी से पहुंची। यात्रियों को काफी इंतजार करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, सर्दी का सर्वाधिक प्रभाव मालवा और निमाड़ क्षेत्र में देखा जा रहा है, जिसमें इंदौर और उज्जैन संभाग के 15 जिले शामिल हैं। 16 जनवरी से हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होने वाला वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 3-4 दिन बाद मध्य प्रदेश में मावठा यानी बारिश ला सकता है।
वर्तमान में पश्चिमी हिस्से के पास से एक ट्रफ गुजर रही है, हालांकि इसका असर प्रदेश में अभी नहीं है। मौसम विभाग ने वेस्टर्न डिस्टरबेंस को स्ट्रॉन्ग बताया है, इसलिए कई जिलों में बारिश या बादल की स्थिति बन सकती है।
सर्द हवाओं के असर के साथ पूर्व-उत्तर भारत के ऊपर समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम हवाएं 204 किमी/घंटा की रफ्तार से बह रही हैं, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी दिख रहा है। बुधवार को भोपाल समेत कई जिलों में दिन में भी ठंडी हवाएं चलीं, हालांकि तेज धूप से ठंड में कुछ राहत मिली।