चित्तौड़गढ़। सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में 15 जनवरी को भारतीय सेना का 78वां सेना दिवस अत्यंत गरिमामय, उत्साहपूर्ण एवं देशभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्कूल के प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया एवं उप-प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल पारुल श्रीवास्तव के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ।
सेना दिवस के अवसर पर स्कूल के शंकर मेनन सभागार में विशेष सभा का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूल के प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सीनियर मास्टर ओंकार सिंह एवं एनसीसी सेकंड ऑफिसर (एएनओ) धीरज शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
स्कूल के जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि भारतीय सेना दिवस की 78वीं वर्षगांठ पर आयोजित इस सभा में मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सैनिक अपने कर्तव्यों के प्रति अडिग निष्ठा रखते हुए अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी देश की सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि यही वह सेना है, जिसने न केवल सीमाओं पर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाई है, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के समय भी आमजन की सहायता कर मानवता का परिचय दिया है।
मुख्य अतिथि ने कहा कि सैनिकों का अदम्य साहस, अनुशासन एवं समर्पण देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है और उनसे हमें देश के प्रति कर्तव्यनिष्ठा एवं सेवा भाव की सीख मिलती है। उनके बलिदान और पराक्रम से प्रत्येक नागरिक का मन गर्व से भर जाता है।
इस अवसर पर स्कूल के समस्त अधिकारी, शिक्षकगण एवं कैडेट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, सम्मान एवं गौरव की भावना के साथ संपन्न हुआ।