पोलायकला। आज मकर संक्रांति पर्व पर क्षेत्र के प्रसिद्ध अति प्राचीन शनेश्वर महादेव मंदिर पर मकर संक्रांति के पर्व पर 5 बजे सैकड़ो श्रद्धालुओं ने ब्रह् मुहूर्त में कुंड में डुबकी लगाकर भगवान अशुतोष महादेव और सूर्य नारायण को अर्घ्य देकर पुण्य लाभ लिया। मकर संक्रांति की सुबह से ही गाव के श्रद्धालुओं के साथ आस-पास के कई ग्रामीण क्षेत्र से स्नान करने के लिए श्रदालु पहुंचे श्रद्धालुओं ने तील,गुड, और खिचड़ी बांटते हुए एक दूसरे को मकर संक्रांति पर्व की बधाई देते हुए पुण्य लाभ अर्जित किया। वहीं पर नगर पोलायकला में भी मकर संक्रांति का पर्व हर्षाेल्लास के साथ में मनाया गया ब्राह्मणों के द्वारा अपनी कुल परंपरा को निभाते हुए मकर संक्रांति पर्व पर दान लेने के लिए यजमानों के घर पहुंचे और यजमानों के द्वारा ब्राह्मणों को अन्नदान वस्त्र दान दिया गया नगर पोलायकला के पुरोहित नरेश दीक्षित ने बताया कि शास्त्रों में मकर संक्रांति के पर्व का विशेष महत्व है। इस दिन स्नान दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। क्योंकि इस दिन ग्रहों के राजा सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं। और सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं। हर वर्ष मकर संक्रांति का पर्व ही मनाई जाती है। मकर संक्रांति के दिन कई समाज सेवी के द्वारा अन्न, कम्बल, घी, वस्त्र, चावल, दाल, सब्जी, नमक और खिचड़ी का दान करके पुण्य लाभ लिया जाता है। इस दिन दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में सुख- समृद्धि का वास बना रहता है। जो व्यक्ति भगवान सूर्य की अराधना करता है उसे मान-सम्मान और प्रतिष्ठा के साथ आरोग्यता की प्राप्ति होती है।