कुकड़ेश्वर। नगर से लगभग 4 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत फुलपुर के तालाब में पिछले एक माह से तीन विशालकाय मगरमच्छों ने डेरा डाल रखा है। इससे तालाब से सटे खेतों में कार्यरत किसानों एवं आसपास के ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि मगरमच्छ किसी भी समय जानलेवा हमला कर सकते हैं।
ग्रामीण रामदयाल, शंभूलाल, भागीरथ, नाथूलाल, घीसालाल, मांगीलाल सहित अन्य लोगों ने बताया कि मगरमच्छ अक्सर धूप सेंकने के लिए तालाब से बाहर निकल आते हैं। तालाब के समीप श्मशान घाट स्थित है तथा गांव की आबादी मात्र 500 मीटर की दूरी पर है, जिससे रात्रि के समय मगरमच्छों के बाहर आने की आशंका और बढ़ जाती है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के लोग शौच के लिए तथा पशु-पक्षी पानी पीने के लिए इसी तालाब पर आते हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को पूर्व में सूचना देने के बावजूद अब तक तालाब पर पिंजरा नहीं लगाया गया, जिससे लोगों में नाराजगी व्याप्त है।
वन विभाग की प्रतिक्रिया-
इस संबंध में वन विभाग कुकड़ेश्वर के रेंजर कैलाश राठौड़ ने बताया “हमें तालाब में तीन बड़े मगरमच्छ होने की जानकारी है। कल पिंजरा लगवाकर उन्हें पकड़ने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।”
प्रशासन ने लिया संज्ञान-
मामले को लेकर एसडीएम मनासा किरण आजना ने कहा “वन विभाग के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मगरमच्छों को पकड़ने की कार्रवाई शीघ्र पूरी करवाई जाएगी।”