नीमच। सेवा, संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल पेश करते हुए नीमच जिले के दड़ौली निवासी 75 वर्षीय स्वर्गीय कमला देवी नागौरी, पत्नी स्व. पारसमल नागौरी ने अपने देहावसान के बाद भी समाज सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी अंतिम इच्छा के अनुरूप परिजनों द्वारा उनका देहदान एवं नेत्रदान किया गया, जिससे चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उनका अमूल्य योगदान सुनिश्चित हुआ।

स्वर्गीय कमला देवी नागौरी मृदुभाषी, धार्मिक प्रवृत्ति एवं समाजसेवी महिला थीं। उन्होंने जीवन भर समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन किया और अंत समय में भी मानवता के हित में एक महान निर्णय लिया। उनका स्पष्ट संकल्प था कि मृत्यु के पश्चात उनका पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज को दान किया जाए, जिससे भावी चिकित्सकों की शिक्षा एवं चिकित्सा शोध में सहयोग मिल सके।

यह पुण्य कार्य लायंस क्लब की प्रेरणा से संपन्न हुआ। लायंस क्लब अध्यक्ष सुनील शर्मा ने बताया कि क्लब के सतत प्रयासों के माध्यम से यह 54वां देहदान एवं 2725 वां नेत्रदान है। उन्होंने आमजन से देहदान एवं नेत्रदान के प्रति जागरूक होकर इस महादान में सहभागी बनने की अपील की।

देहदान यात्रा दड़ौली से नीमच लायन डेन पहुंची, जहां से बैंड-बाजों के साथ वीरेंद्र कुमार सकलेचा मेडिकल कॉलेज ले जाई गई। मेडिकल कॉलेज परिसर में स्व. कमला देवी नागौरी के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात विधिवत प्रक्रिया पूर्ण कर पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सौंपा गया। स्वर्गीय कमला देवी नागौरी का यह महान कार्य समाज को यह संदेश देता है कि सच्ची सेवा जीवन के बाद भी संभव है।
