नीमच। देश की आज़ादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमने वाले अमर शहीद हेमू कालानी की 84वीं पुण्यतिथि पर पूज्य सिंधी पंचायत के तत्वावधान में आज शहीद हेमू कॉलोनी चौक पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद हेमू कालानी के चित्र पर माल्यार्पण से हुई, इसके बाद उपस्थित समाजजनों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
सभा को संबोधित करते हुए पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष ईश्वर आहूजा, लक्ष्मी प्रेमाणी और गजेंद्र चावला ने शहीद हेमू कालानी के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनका त्याग भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का स्वर्णिम अध्याय है। वक्ताओं ने कहा कि शहीद हेमू कालानी जैसे क्रांतिकारियों के बलिदान के कारण ही आज देश स्वतंत्र है और नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन पूज्य सिंधी पंचायत के सचिव महेश वर्धानी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन राजेश सोनी द्वारा किया गया। इस अवसर पर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मनोहर अर्जनानी, प्रभु दयाल ज्ञानानी, पूरण रामचंदानी, राजेश प्रेमाणी, भगवान दास प्रेमाणी, यशवंत प्रेमाणी, मधु केवलानी, सपना लालवानी, लाजवंती अंदानी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि शहीद हेमू कालानी का जन्म 23 मार्च 1923 को सिंध प्रांत में हुआ था। वे बचपन से ही देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत थे और कम उम्र में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए। वर्ष 1943 में अंग्रेजों के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उन्होंने ब्रिटिश सेना की रेलगाड़ी को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया, जिससे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई, जिसे उन्होंने 21 वर्ष की अल्पायु में हंसते-हंसते स्वीकार किया। 21 जनवरी 1943 को वे मातृभूमि के लिए शहीद हो गए।