नीमच। श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की तीसरी वर्षगांठ पर नीमच राममय नजर आया। पूरे देश की तरह नीमच में भी यह पावन अवसर श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर उपनगर बघाना स्थित जायसवाल कॉलोनी के पुलकितानंद मंदिर से भव्य एवं दिव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ हुई। इसके पश्चात 51 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर कलश यात्रा में सहभागिता की। भगवा ध्वजों, “जय श्रीराम” के गगनभेदी उद्घोष और भक्ति गीतों के बीच कलश यात्रा बघाना के प्रमुख मार्गों से होकर निकली। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
कलश यात्रा के पश्चात विद्वान पंडित अशोक भारद्वाज ने अपने बौद्धिक उद्बोधन में भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप और सनातन संस्कृति की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता, महिला-पुरुष श्रद्धालु तथा बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे। डीजे पर बज रहे राम भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय एवं उत्सवपूर्ण वातावरण बना रहा।